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जीएसटी और राजनीतिक वार्ताओं की जटिलता | 28 Oct 2020 | भारतीय अर्थव्यवस्था

इस Editorial में The Hindu, The Indian Express, Business Line आदि में प्रकाशित लेखों का विश्लेषण किया गया है। इस लेख में GST मुआवज़े को लेकर बिगड़ते केंद्र-राज्य संबंधों से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई है। आवश्यकतानुसार, यथास्थान टीम दृष्टि के इनपुट भी शामिल किये गए हैं।

संदर्भ:

‘हितों की विविधता’ (Diversity of Interests) संघवाद का प्रतीक है। पिछले कुछ महीनों में, वस्तु एवं सेवा कर (Goods and Services Tax- GST) से जुड़े मुद्दों पर केंद्र और राज्यों के मध्य एक प्रकार का गतिरोध देखा गया है जिसके परिणामस्वरूप केंद्र-राज्य संबंधों में गिरावट आई है। हालाँकि केंद्र और राज्यों के बीच यह गतिरोध असामान्य नहीं है तथा सभी संघीय व्यवस्थाओं में किसी न किसी प्रकार का गतिरोध होता रहता है।

वस्तु एवं सेवा कर: महत्त्वपूर्ण राजकोषीय सुधार

GST परिषद:

आर्थिक सुस्ती और COVID-19 महामारी:

GST मुआवजा एवं गतिरोध:

‘एक्ट ऑफ गॉड:’

सहकारी संघवाद बनाम राजनीतिक पार्टी गठजोड़:

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि राजनीतिक पार्टियों की प्रणाली एवं प्रकृति केंद्र-राज्य संबंधों का निर्धारण करती है।

A.भारतीय राजनीति में एकदलीय प्रभुत्व का दौर और केंद्र-राज्य संबंध:

B. भारतीय राजनीति में गठबंधन का दौर और केंद्र-राज्य संबंध:

‘’दल आधारित केंद्रीकरण की डिग्री जितनी अधिक होगी, संघीय केंद्रीकरण की संभावना उतनी ही अधिक होगी।’’

निष्कर्ष:

अभ्यास प्रश्न: GST मुआवज़े को लेकर बिगड़ते केंद्र-राज्य संबंधों के बारे में चर्चा कीजिये साथ ही यह भी बताइए कि राजनीतिक पार्टी गठजोड़/संबंध किस प्रकार केंद्र-राज्य संबंधों को प्रभावित करते हैं?