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तबाही की कगार पर गाज़ा | 19 Nov 2018 | विविध

संदर्भ

हाल ही में गाज़ा पट्टी (Gaza Strip) में फिलिस्तीनी (Palestine) लड़ाकों तथा इज़राइल (Israel)के बीच भड़के खूनी संघर्ष ने गाज़ा पट्टी के भविष्य को अनिश्चित बना दिया है। गौरतलब है कि हमास के खिलाफ इज़राइली सेना के एक अभियान के दौरान भारी गोलीबारी हुई। इस गोलीबारी में 7 लोगों के मरने की पुष्टि की गई, जिनमें एक इज़राइली सैनिक के साथ-साथ हमास के सशस्त्र विंग का एक स्थानीय कमांडर भी शामिल था।

हालिया घटना

गाज़ा की स्थिति

हमास (Hamas) क्या है?

  • हमास फिलिस्तीनी क्षेत्र का सबसे प्रमुख इस्लामी चरमपंथी संगठन है। 1987 के जन आंदोलन के दौरान इसका गठन हुआ था।
  • उसके बाद से यह फिलिस्तीनी क्षेत्रों से इज़राइली सेना को हटाने के लिये संघर्ष चला रहा है। हमास इज़राइल को मान्यता नहीं देता और इसका लक्ष्य पूरे फिलिस्तीनी क्षेत्र में इस्लामी राष्ट्र की स्थापना करना है।
  • हमास गाज़ा पट्टी में ख़ासा लोकप्रिय है, जहाँ पश्चिमी किनारे की तुलना में ग़रीबी अधिक है। हमास के सबसे प्रभावशाली अध्यात्मिक नेता शेख अहमद यासीन को फ़िलस्तीनी इस्लामी आंदोलन का उदार चेहरा माना जाता है।
  • लकवाग्रस्त शेख़ अहमद यासीन को 1997 में इज़राइली जेल से रिहा किया गया था। रिहाई के बाद शेख़ यासीन ने अपना सारा ध्यान इस्लामी कल्याणकारी संस्थाओं की हालत सुधारने में लगा दिया जो इज़राइली हमलों में तबाह हो गई थीं।
  • शेख अहमद यासीन के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस संगठन की राजनीतिक और सशस्त्र दो इकाइयाँ हैं। मार्गदर्शक शेख़ यासीन की राजनीतिक इकाई ने अब तक पश्चिमी किनारे और गाज़ा पट्टी में अस्पताल तथा स्कूल बनवाए हैं।
  • यह इकाई स्थानीय लोगों की सामाजिक तथा धार्मिक मामलों में सहायता भी करती है। हमास की सशस्त्र इकाई इज़राइली ठिकानों पर हमले करती है। हमास ने इज़राइली क्षेत्रों में कई आत्मघाती हमले किये हैं।

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