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डीएनए प्रौद्योगिकी विनियमन विधेयक | 15 Feb 2021 | शासन व्यवस्था

इस Editorial में The Hindu, The Indian Express, Business Line आदि में प्रकाशित लेखों का विश्लेषण किया गया है। इस लेख में डीएनए प्रौद्योगिकी विनियमन विधेयक की चुनौतियों व इससे संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई है। आवश्यकतानुसार, यथास्थान टीम दृष्टि के इनपुट भी शामिल किये गए हैं।

संदर्भ:

हाल ही में विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने डीएनए प्रौद्योगिकी (उपयोग और अनुप्रयोग) विनियमन विधेयक, 2019 पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इस विधेयक का उद्देश्य लोगों की पहचान स्थापित करने के लिये डीएनए की जानकारी के उपयोग को विनियमित करना है। डीएनए प्रोफाइल का प्रयोग आपराधिक जाँच के मामलों में सुरक्षा एजेंसियों का मार्गदर्शन करने के लिये किया जाएगा।

समिति ने आपराधिक न्याय प्रणाली में अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग सुनिश्चित किये जाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है परंतु इसके साथ ही समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में संवैधानिक अधिकारों और विशेषकर निजता के अधिकार का उल्लंघन नहीं होना चाहिये।

हालाँकि डीएनए प्रौद्योगिकी अपराधों को सुलझाने में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सहायता कर सकती है, परंतु सरकार को डीएनए प्रौद्योगिकी (उपयोग और अनुप्रयोग) विनियमन विधेयक, 2019 से जुड़ी चिंताओं को संबोधित करना चाहिये।

डीएनए प्रौद्योगिकी विनियमन विधेयक से जुड़े मुद्दे:

आगे की राह:

निष्कर्ष:

मालक सिंह बनाम पंजाब राज्य (वर्ष 1981) मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि संदिग्धों की व्यापक निगरानी/सर्विलांस के बगैर संगठित अपराध से सफलतापूर्वक नहीं लड़ा जा सकता है। परंतु इस प्रकार का सर्विलांस व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं कर सकता।

इस संदर्भ में एक सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र की स्थापना की आवश्यकता है जिससे इस तरह के प्रोफाइलिंग को मानवाधिकारों और संविधान के सिद्धांतों के अनुरूप प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।

अभ्यास प्रश्न: ‘संदिग्धों की व्यापक निगरानी/सर्विलांस के बगैर संगठित अपराध से सफलतापूर्वक नहीं लड़ा जा सकता है। परंतु इस प्रकार का सर्विलांस व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं कर सकता।’ डीएनए प्रौद्योगिकी विनियमन विधेयक, 2019 के संदर्भ में इस कथन की समीक्षा कीजिये।