WTO को कृषि सब्सिडी पर पुनः विचार करने की आवश्यकता | 05 May 2023

प्रिलिम्स के लिये:

WTO, GATT, सब्सिडी बॉक्स, पीस क्लॉज़, डी मिनिमस क्लॉज़

मेन्स के लिये:

WTO सुधार, सब्सिडी बॉक्स के मुद्दे, WTO सुधारों पर भारत के सुझाव

चर्चा में क्यों?

भारत के वित्त मंत्री ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) से कृषि सब्सिडी के मुद्दे पर पुनः विचार करने का आग्रह किया है क्योंकि यह कोविड-19 महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि में उभरती अर्थव्यवस्थाओं की खाद्य सुरक्षा आवश्यकताओं को प्रभावित कर रही है।

  • वित्त मंत्री ने एशियाई विकास बैंक (ADB) के गवर्नर्स द्वारा आयोजित संगोष्ठी 'एशिया को समर्थन देने वाली नीतियाँ’ विषय पर यह बात कही।

नोट:

  • एशियाई विकास बैंक (ADB) के गवर्नर्स की संगोष्ठी एक वार्षिक कार्यक्रम है जो एशिया-प्रशांत क्षेत्र में विकासात्मक मुद्दों पर चर्चा करने के लिये ADB के सदस्य देशों के सभी गवर्नर, प्रमुख नीति निर्माता, विकास विशेषज्ञ आदि को एक साथ लाती है।
    • इसका मुख्यालय मनीला (फिलीपींस) में स्थित है। ADB एशिया और प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक एवं सामाजिक विकास को बढ़ावा देने के लिये वर्ष 1966 में स्थापित एक क्षेत्रीय विकास बैंक है।
  • बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ADB का सर्वोच्च नीति-निर्माण निकाय है जिसमें प्रत्येक सदस्य राष्ट्र से एक प्रतिनिधि शामिल होता है।

WTO के तहत सब्सिडी

  • एम्बर बॉक्स:
    • एम्बर बॉक्स सब्सिडी वह है जो अन्य देशों की तुलना में किसी देश के उत्पादों को सस्ता बनाकर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को विकृत कर सकती है।
    • विश्व व्यापार संगठन के अनुसार, कृषि के एम्बर बॉक्स का उपयोग उन सभी घरेलू समर्थन उपायों के लिये किया जाता है जो उत्पादन और व्यापार को विकृत करने वाले माने जाते हैं।
      • परिणामस्वरूप व्यापार समझौते पर हस्ताक्षरकर्त्ताओं को एम्बर बॉक्स में आने वाले व्यापार-विकृत घरेलू समर्थन को कम करने के लिये प्रतिबद्ध होने की आवश्यकता होती है।
    • सदस्य जो इन प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करते हैं, उन्हें अपने उत्पादन मूल्य के 5-10% के अंदर अपना एम्बर बॉक्स समर्थन रखना चाहिये। (डि मिनिमस क्लॉज़)
      • विकासशील देशों के लिये 10%
      • विकसित देशों के लिये 5%
  • ब्लू बॉक्स:
    • यह "शर्तों के साथ एम्बर बॉक्स" है जो विकृति को कम करने के लिये डिज़ाइन की गई स्थितियाँ हैं।
    • कोई भी समर्थन जो आमतौर पर एम्बर बॉक्स में मौजूद होता है, उसे ब्लू बॉक्स में रखा जाता है, यद्यपि इसके लिये किसानों को उत्पादन सीमित करने की आवश्यकता होती है।
      • इस सब्सिडी का उद्देश्य उत्पादन सीमा निर्धारित कर अथवा किसानों को अपनी भूमि का एक हिस्सा आरक्षित करने के लिये बाध्य कर उत्पादन को सीमित करना है।
    • वर्तमान में ब्लू बॉक्स सब्सिडी पर खर्च करने की कोई सीमा नहीं है।
  • ग्रीन बॉक्स:
    • घरेलू सहायता के वे उपाय जो व्यापार को न के बराबर अथवा न्यूनतम रूप से बाधित करते हैं, उन्हें ग्रीन बॉक्स कहा जाता है।
    • ग्रीन बॉक्स सब्सिडी के लिये सरकारी वित्त का उपयोग किया जाता है; फसलों हेतु कोई मूल्य समर्थन नहीं होता है।
      • इनमें पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम भी शामिल हैं।
    • इसलिये "ग्रीन बॉक्स" सब्सिडी की अनुमति बिना किसी सीमा के दी जाती है (कुछ परिस्थितियों को छोड़कर)।

सब्सिडी मानदंडों पर फिर से विचार करने के प्रमुख कारण:

  • ग्लोबल साउथ के लिये असमान अवसर:
    • विश्व व्यापार संगठन की स्थापना के बाद से कृषि वस्तुओं के निर्यात के संबंध में सामान्य तौर पर एक शिकायत रही है कि वैश्विक दक्षिण/ग्लोबल साउथ और उभरते बाज़ारों के दृष्टिकोण को व्यापार चर्चाओं में विकसित देशों के समान महत्त्व नहीं दिया गया है।
    • 'ग्लोबल साउथ' व्यापक रूप से एशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के देशों को संदर्भित करता है।
  • खाद्य सब्सिडी सीमा के मुद्दे: विश्व व्यापार संगठन के सदस्य देशों का खाद्य सब्सिडी बिल वर्ष 1986-88 के संदर्भ मूल्य के आधार पर उत्पादन मूल्य के 10% से अधिक नहीं होना चाहिये, यह सीमा निर्धारण अंतर्राष्ट्रीय व्यापार विनियमों के तहत अपनाए गए संदर्भ मूल्य के लिये एक समस्या है।
    • विकासशील देशों में कृषि और गरीब किसानों के लिये सब्सिडी की गणना नहीं की जाती थी तथा विश्व व्यापार संगठन द्वारा सब्सिडी पर रोक लगा दी जाती थी।
    • व्यापार समझौतों की असंतुलित प्रकृति के कारण विकासशील देशों की तुलना में विकसित देशों में खाद्य सुरक्षा दृढ़ है।
  • बढ़ती खाद्य असुरक्षा: कोविड-19 महामारी और रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण खाद्य सुरक्षा के लिये उत्पन्न चुनौतियों की वजह से सब्सिडी मानदंडों पर फिर से विचार करना आवश्यक हो गया है क्योंकि खाद्य और उर्वरक सुरक्षा अब अधिक महत्त्वपूर्ण हो गई है।
  • भारत की मांग: स्थायी समाधान के तहत भारत ने खाद्य सब्सिडी सीमा की गणना के फार्मूले में संशोधन और वर्ष 2013 के बाद लागू कार्यक्रमों को 'पीस क्लॉज़' के दायरे में शामिल करने की मांग की है।

विश्व व्यापार संगठन का शांति समझौता:

  • एक अंतरिम उपाय के रूप में विश्व व्यापार संगठन के सदस्यों ने दिसंबर 2013 में 'पीस क्लॉज़/शांति समझौता' नामक एक तंत्र पर सहमति जताई और स्थायी समाधान के लिये बातचीत करने का संकल्प लिया।
  • शांति उपबंध के तहत विश्व व्यापार संगठन के सदस्यों ने विश्व व्यापार संगठन के विवाद समाधान फोरम में विकासशील राष्ट्रों द्वारा निर्धारित सीमा में किसी भी उल्लंघन को चुनौती देने से बचने पर सहमति व्यक्त की।
  • यह उपबंध तब तक बना रहेगा जब तक कि खाद्य भंडारण के मुद्दे का स्थायी समाधान नहीं हो जाता।

विश्व व्यापार संगठन (World Trade Organisation- WTO)

  • परिचय:
    • विश्व व्यापार संगठन एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जो वैश्विक व्यापार को नियंत्रित एवं बढ़ावा देने का कार्य करता है।
    • इसे वर्ष 1995 में स्थापित किया गया था और वर्तमान में 164 देश (यूरोपीय संघ सहित) इसके सदस्य हैं।
    • यह सदस्य देशों को संवाद करने और व्यापार समझौतों को लागू करने, विवादों को सुलझाने एवं आर्थिक विकास तथा विकास को बढ़ावा देने हेतु एक मंच प्रदान करता है।
    • इसका मुख्यालय जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में है।
  • विश्व व्यापार संगठन की उत्पत्ति:
    • WTO को वर्ष 1947 में संपन्न हुए प्रशुल्क एवं व्यापार पर सामान्य समझौते (General Agreement on Tariffs and Trade- GATT) के स्थान पर अपनाया गया।
    • WTO के निर्माण की पृष्ठभूमि GATT के उरुग्वे दौर (वर्ष1986-94) की वार्ता में तैयार हुई।
      • विश्व व्यापार संगठन ने 1 जनवरी, 1995 को परिचालन शुरू किया।
    • जिस समझौते के तहत WTO की स्थापना की गई उसे "मराकेश समझौते" के रूप में जाना जाता है। इस पर वर्ष 1994 में मोरक्को के मराकेश में हस्ताक्षर किये गए।
  • भारत वर्ष 1947 में GATT तथा WTO का संस्थापक सदस्य देश बना।
    • GATT और WTO में मुख्य अंतर यह है कि GATT जहाँ ज़्यादातर वस्तुओं के व्यापार को विनियमित करता था, वहीं WTO और इसके समझौतों में न केवल वस्तुओं को बल्कि सेवाओं एवं अन्य बौद्धिक संपदाओं जैसे- व्यापार चिह्न, डिज़ाइन व आविष्कारों से संबंधित व्यापार को भी शामिल किया जाता है।

 UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न: 

प्रश्न: भारत ने वस्तुओं के भौगोलिक संकेतक (पंजीकरण और संरक्षण) अधिनियम, 1999 को किसके दायित्त्वों का पालन करने के लिये अधिनियमित किया? (2018)

(a) अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन
(b) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
(c) व्यापार एवं विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन
(d) विश्व व्यापार संगठन

उत्तर: (d)


प्रश्न. 'एग्रीमेंट ओन एग्रीकल्चर', 'एग्रीमेंट ओन द एप्लीकेशन ऑफ सेनेटरी एंड फाइटोसेनेटरी मेज़र्स और 'पीस क्लाज़' शब्द प्रायः समाचारों में किसके मामलों के संदर्भ में आते हैं; (2015)

(a) खाद्य और कृषि संगठन
(b) जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र का रुपरेखा सम्मेलन
(c) विश्व व्यापार संगठन
(d) संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम

उत्तर: (c)


प्रश्न. निम्नलिखित में से किस संदर्भ में कभी-कभी समाचारों में 'एम्बर बॉक्स, ब्लू बॉक्स और ग्रीन बॉक्स' शब्द देखने को मिलते हैं? (2016)

(a) WTO मामला
(b) SAARC मामला
(c) UNFCCC मामला
(d) FTA पर भारत-EU वार्ता

उत्तर: (a)


प्रश्न. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2017)

  1. भारत ने विश्व व्यापार संगठन के व्यापार सुविधा समझौते (TFA) की पुष्टि की है।
  2. TFA 2013 के WTO के बाली मंत्रिस्तरीय पैकेज का एक हिस्सा है।
  3. TFA जनवरी 2016 में लागू हुआ।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(A) केवल 1 और 2
(B) केवल 1 और 3
(C) केवल 2 और 3
(D) 1, 2 और 3

उत्तर: (A)


प्रश्न. व्यापार-संबंधित निवेश उपाय (TRIMS) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (2020)

  1. विदेशी निवेशकों द्वारा आयात पर मात्रात्मक प्रतिबंध निषिद्ध हैं।
  2. वे वस्तुओं और सेवाओं दोनों में व्यापार से संबंधित निवेश उपायों पर लागू होते हैं।
  3. उन्हें विदेशी निवेश के नियमन से कोई सरोकार नहीं है।

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (c)


मेन्स:

प्रश्न. विश्व व्यापार संगठन एक महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्था है जहाँ लिये गए निर्णय देशों को गहराई से प्रभावित करते हैं। विश्व व्यापार संगठन का जनादेश क्या है और उसके निर्णय कितने बाध्यकारी हैं? खाद्य सुरक्षा पर वार्ता के नवीनतम दौर पर भारत के रुख का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिये। (2014)

प्रश्न. “विश्व व्यापार संगठन के अधिक व्यापक लक्ष्य और उद्देश्य वैश्वीकरण के युग में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का प्रबंधन एवं प्रोन्नति करना है। लेकिन वार्ताओं की दोहा परिधि मृत्योन्मुखी प्रतीत होती है, जिसका कारण विकसित तथा विकासशील देशों के बीच मतभेद है। भारतीय परिप्रेक्ष्य में इस पर चर्चा कीजिये। (2016)

प्रश्न. यदि 'व्यापार युद्ध' के वर्तमान परिदृश्य में विश्व व्यापार संगठन को जिंदा बने रहना है, तो उसके सुधार के कौन-कौन से प्रमुख क्षेत्र हैं विशेष रूप से भारत के हित को ध्यान में रखते हुए? (2018)

स्रोत: द हिंदू