अमेरिका ने अफ़गानिस्तान स्थित इस्लामिक स्टेट के बेस पर ‘सबसे बड़े’ बम से किया हमला | 14 Apr 2017

संदर्भ
गौरतलब है कि अफगानिस्तान में अमेरिकी बलों के कमांडर सेना जनरल जॉन डब्ल्यू निकोलसन द्वारा जारी किये गए एक बयान में स्पष्ट किया गया है कि अमेरिका द्वारा पूर्वी अफगानिस्तान स्थित इस्लामिक स्टेट की एक जटिल सुरंग में 13 अप्रैल की शाम को GBU-43 बम द्वारा एक बड़ा हमला किया गया| इस हमले का सबसे महत्त्वपूर्ण पक्ष यह है कि इस हमले में अमेरिका द्वारा एक अत्यंत ही विध्वंशकारी एवं शक्तिशाली बम ‘GBU-43’ का उपयोग किया गया|

GBU-43

  • उल्लेखनीय है कि GBU-43 एक अत्यंत ही शक्तिशाली एवं अमेरिका के सबसे बड़े गैर-परमाणु बमों में से एक है|
  • ध्यातव्य है कि यह पूर्वी अफगानिस्तान के युद्ध में इस्लामिक स्टेट उग्रवादियों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली गुफाओं की श्रृंखला पर गिराया गया अब तक का सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम है|
  • पेंटागन के प्रवक्ता एडम स्टम्प के अनुसार, यह आयुध पाकिस्तान सीमा के नज़दीकी प्रान्त नंगरहार (Nangarhar province) के अचिन ज़िले (Achin district) में MC-130 विमान से गिराया गया|
  • विदित हो कि GBU-43 को सभी बमों में सर्वश्रेष्ठ (mother of all bombs) कहा जाता है|
  • GBU-43 21,600 पौंड वाला 9,797 किलोग्राम के जीपीएस द्वारा निर्देशित एक विध्वंशक युद्धक हथियार है|
  • इसका परीक्षण पहली बार मार्च 2003 में किया गया था|

बम का प्रभाव

  • अभी तक इस बम के प्रभाव के विषय में कोई स्पष्ट जानकारी प्राप्त नहीं हो सकीं है| यह प्रथम बार है जब अमेरिका ने किसी संघर्ष में इस प्रकार के किसी बम का उपयोग किया है|

अन्य पक्ष

  • ध्यातव्य है कि यह हमला अफगान क्षेत्र में अमेरिका के कार्यों का स्पष्ट संचालन करने तथा इस्लामिक स्टेट लड़ाकुओं और उनके ठिकानों का सफाया करने के लिये किया गया था|
  • वस्तुतः इस्लामिक स्टेट द्वारा मज़बूत प्रतिरक्षा के लिये कामचलाऊ विस्फोटक उपकरणों, बंकरों और सुरंगों का उपयोग किया जा रहा है|
  • अमेरिका द्वारा इस संबंध में दिए गए वक्तव्य में यह स्पष्ट किया गया है कि अमेरिका द्वारा इस्लामिक स्टेट के विरुद्ध गंभीरतापूर्वक लड़ाई लड़ी जा रही है| वस्तुतः अमेरिका का लक्ष्य इस्लामिक स्टेट समूह को पराजित करने तथा उन्हें पूर्व की भाँती अपनी गतिविधियों को संचालित करने का कोई भी स्थान नहीं मिलने देना है|