बोलीदाता सूचना प्रबंधन प्रणाली, भूमि राशि तथा लोक वित्त प्रबंधन प्रणाली | 09 Aug 2018

संदर्भ

निर्माण पूर्व गतिविधियों से संबंधित बोली प्रक्रिया और भूमि अधिग्रहण के कार्यों में तेज़ी लाने के उद्देश्य से सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से प्रौद्योगिकी पहल के रूप में बोलोदाता सूचना प्रबंधन प्रणाली (BIMS) एवं भूमि राशि तथा लोक वित्त प्रबंधन प्रणाली (PFMS) संपर्क पोर्टल लॉन्च किये गए हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिये इस साल से वार्षिक पुरस्कार दिये जाने की घोषणा भी की गई है।

बोलीदाता सूचना प्रबंधन प्रणाली (Bidder Information Management System- BIMS)

  • BIMS का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से जुड़ी अनुबंध प्रक्रियाओं को बोलीदाताओं के लिये अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।
  • इस पोर्टल के माध्यम से बोलीदाताओं से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी मिल सकेगी।
  • बोलीदाताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे पोर्टल में अपने कार्यानुभव, वार्षिक कारोबार की वित्तीय जानकारी आदि से संबंधित सभी जानकारी सही तरीके से उपलब्ध कराएँ क्योंकि इन जानकारियों के आधार पर ही उन्हें परियोजनाओं से जुड़े काम दिये जाएंगे।

भूमि राशि पोर्टल 

  • भूमि राशि पोर्टल को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा राष्ट्रीय सूचना केंद्र द्वारा मिलकर तैयार किया गया है।
  • इस पोर्टल में देश के 6.4 लाख गाँवों की भूमि का राजस्व आँकड़ा दिया गया है।
  • इससे से भूमि परियोजनाओं के लिये भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया सरल हो सकेगी।
  • भूमि राशि पोर्टल के माध्यम से इस वर्ष अब तक भूमि अधिग्रहण की 900 अधिसूचनाएँ जारी की जा चुकी हैं, जबकि बीते वर्ष पूरे साल में 1000 अधिसूचनाएँ ही जारी की जा सकी थीं।

लोक वित्त प्रबंधन प्रणाली (Public Finance Management System- PFMS) 

  • भूमि राशि पोर्टल के साथ लोक वित्त प्रबंधन प्रणाली (PFMS) को जोड़े जाने से भूमि अधिग्रहण के दौरान ऐडा की जानी वाली मुआवज़ा राशि का भुगतान लाभार्थियों को आसानी से किया जा सकेगा।
  • PFMS एक वेब आधारित ऑनलाइन सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन है जिसका विकास तथा कार्यान्वयन भारत के महानियंत्रक लेखा कार्यालय द्वारा किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भारत सरकार को एक मज़बूत सार्वजनिक वित्त प्रणाली प्रदान करना है।

राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिये वार्षिक पुरस्कार 

  • ये पुरस्कार उन ठेकेदारों को दिये जाएंगे जिसने परियोजना कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया होगा।
  • पुरस्कारों के लिये चयन की प्रक्रिया सख्त बनाई गई है। कई दौर आकलन के बाद ही पुरस्कार के लिये किसी का चयन किया जाएगा।