टाइगर रेंज देशों का पूर्व शिखर सम्मेलन | 11 Aug 2022

प्रिलिम्स के लिये:

टाइगर की कंज़र्वेशन स्टेटस, कंज़र्वेशन एश्योर्ड/टाइगर स्टैंडर्ड्स (CA/TS), ग्लोबल टाइगर समिट, प्रोजेक्ट टाइगर

मेन्स के लिये:

बाघ संरक्षण और संबंधित पहल का महत्त्व , जैव विविधता के नुकसान के कारण

चर्चा में क्यों?

हाल ही में भारत ने टाइगर रेंज देशों (TRCs) की पूर्व-शिखर बैठक की मेज़बानी की है।

प्रमुख बिंदु

  • बैठक में चीन और इंडोनेशिया को छोड़कर टाइगर/बाघ रेंज के 12 देशों ने भाग लिया।
    • 13 टाइगर रेंज देश (TRC) हैं: भारत, बांग्लादेश, भूटान, कंबोडिया, लाओस पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक, मलेशिया, म्याँमार, नेपाल, रूस, थाईलैंड, वियतनाम, चीन और इंडोनेशिया।
  • भारत, टाइगर रिज़र्व नेटवर्क के तहत देश के सभी संभावित बाघ आवासों को लाने के लिये प्रतिबद्ध है।
  • बैठक का उद्देश्य शिखर सम्मेलन में अपनाए जाने वाले बाघ संरक्षण पर घोषणा को अंतिम रूप देना है।

बाघ संरक्षण का महत्त्व:

  • पारिस्थितिक प्रक्रियाओं को विनियमित करने में महत्त्वपूर्ण:
    • बाघ एक अनूठा जानवर है जो किसी स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र और उसकी विविधता में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
      • वनों को स्वच्छ हवा, पानी, परागण, तापमान विनियमन आदि जैसी पारिस्थितिक सेवाएँ प्रदान करने के लिये जाना जाता है।
  • आहार श्रृंखला बनाए रखना:
    • यह एक शीर्ष शिकारी है जो आहार शृंखला के शीर्ष पर है और जंगली (मुख्य रूप से बड़े स्तनपायी) आबादी को नियंत्रण में रखता है।
    • अतः बाघ शाकाहारियों का शिकार कर शाकाहारी और उस वनस्पति के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करता है जिस पर शाकाहारी जीव निर्भर करते हैं।

बाघ की संरक्षण स्थिति:

बाघ संरक्षण में भारतीय परिदृश्य:

  • भारत में 18 राज्यों में लगभग 75,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले 52 टाइगर रिज़र्व हैं।
  • वैश्विक स्तर पर भारत में लगभग 75% जंगली बाघ हैं।
  • भारत ने लक्षित वर्ष 2022 से चार साल पहले वर्ष 2018 में ही बाघों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य हासिल कर लिया था।
  • देश में 17 टाइगर रिज़र्व को कंज़र्वेशन एश्योर्ड | टाइगर स्टैंडर्ड्स (CA|TS) अंतर्राष्ट्रीय मान्यता मिली है और दो टाइगर रिजर्व (सत्यमंगलम और पीलीभीत) को अंतर्राष्ट्रीय Tx2 पुरस्कार मिला है।
  • भारत के कई टाइगर रेंज देशों के साथ द्विपक्षीय समझौते और समझौता ज्ञापन हैं और जंगली बाघों को वापस लाने की दिशा में तकनीकी सहायता के लिये कंबोडिया के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

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प्रश्न. निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

  1. दाम्पा टाइगर रिज़र्व : मिज़ोरम
  2. गुमटी वन्यजीव अभयारण्य : सिक्किम
  3. सारामती शिखर : नागालैण्ड

उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?

(a) केवल 1
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (c)

  • दंपा टाइगर रिज़र्व सह वन्यजीव अभयारण्य पश्चिमी मिज़ोरम में स्थित है। इसमें अद्वितीय और लुप्तप्राय जंगली जानवरों के साथ उष्णकटिबंधीय वन पाए जाते हैं। अत: युग्म 1 सही सुमेलित है।
  • गुमटी वन्यजीव अभयारण्य त्रिपुरा के दक्षिण-पूर्वी किनारे पर स्थित है। यह हाथी, सांभर, भैंस और कई सरीसृप जैसे जानवरों का आवास है। अत: युग्म 2 सही सुमेलित नहीं है।
  • 3841 मीटर की ऊँचाई के साथ सरामती नगालैंड राज्य की सबसे ऊँची चोटी है। यह चोटी नगालैंड-म्याँमार सीमा पर स्थित है। अत: युग्म 3 सही सुमेलित है।
  • अतः विकल्प (C) सही उत्तर है।

प्रश्न. निम्नलिखित बाघ आरक्षित क्षेत्रों में “क्रांतिक बाघ आवास (Critical Tiger Habitat)” के अंतर्गत सबसे बड़ा क्षेत्र किसके पास है ?

(a) कॉर्बेट
(b) रणथम्बौर
(c) नागार्जुनसागर-श्रीसैलम
(d) सुंदरबन

उत्तर: (c)

  • “क्रांतिक बाघ आवास (Critical Tiger Habitat), जिसे टाइगर रिजर्व कोर क्षेत्र भी कहा जाता है, की पहचान वन्य जीवन संरक्षण अधिनियम (डब्ल्यूएलपी), 1972 के अंतर्गत की गई है। वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर, अनुसूचित जनजाति या ऐसे अन्य वनवासियों के अधिकारों को प्रभावित किये बिना ऐसे क्षेत्रों को बाघ संरक्षण के लिये सुरक्षित रखा जाना आवश्यक है। सीटीएच की अधिसूचना राज्य सरकार द्वारा उद्देश्य के लिये गठित विशेषज्ञ समिति के परामर्श से की जाती है।
  • कोर/क्रांतिक बाघ आवास क्षेत्र:
    • कॉर्बेट (उत्तराखंड): 821.99 वर्ग किमी
    • रणथंभौर (राजस्थान): 1113.36 वर्ग किमी
    • सुंदरवन (पश्चिम बंगाल): 1699.62 वर्ग किमी
    • नागार्जुनसागर श्रीशैलम (आंध्र प्रदेश का हिस्सा): 2595.72 वर्ग किमी
  • अतः विकल्प (c) सही है।

प्रश्न. कभी-कभी समाचारों में देखा जाने वाला शब्द 'M-STrIPES' का उपयोग किस संदर्भ में किया जाता है? (2017)

(a) जंगली जीवों की वंश-वृद्धि पर रोक
(b) बाघ अभयारण्यों का रख-रखाव
(c) स्वदेशी उपग्रह नेविगेशन प्रणाली
(d) राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा

उत्तर: (b)

व्याख्या:

  • M-STrIPES (Monitoring System for Tigers - Intensive Protection and Ecological Status) यानी बाघों के लिये निगरानी प्रणाली - गहन सुरक्षा और पारिस्थितिक स्थिति, एक ऐप आधारित निगरानी प्रणाली है, जिसे वर्ष 2010 में NTCA द्वारा भारतीय बाघ अभयारण्यों में लॉन्च किया गया था।
  • इस प्रणाली का उद्देश्य लुप्तप्राय बंगाल टाइगर की गश्त और निगरानी को मज़बूत करना है। बाघ अभयारण्यों में वन रक्षक व्यक्तिगत डिजिटल सहायकों और जीपीएस उपकरणों से लैस होते हैं, जो गश्त के दौरान बाघों की संख्या, उनकी मृत्यु, वन्यजीव अपराध और पारिस्थितिकी से संबंधित आँकड़ों को इकठ्ठा करते हैं।
  • अतः विकल्प (b) सही है।

स्रोत:पी.आई.बी.