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उड़ीसा में अनुसूचित जाति एवं जनजातीय क्षेत्र | 02 Mar 2020 | सामाजिक न्याय

प्रीलिम्स के लिये:

अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006

मेन्स के लिये:

ओडिशा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान द्वारा तैयार किये गए मानचित्र का महत्त्व

चर्चा में क्यों?

ओडिशा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (Odisha Scheduled Caste and Scheduled Tribe Research and Training Institute- SCSTRTI) द्वारा ऐसे संभावित क्षेत्रों का एक मानचित्र तैयार किया गया है, जहाँ ‘अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006’ [Scheduled Tribes and Other Traditional Forest Dwellers (Recognition of Forest Rights) Act, 2006] लागू किया जा सकता है।

मुख्य बिंदु:

CFR और IFR:

लाभ:

यह नीति निर्माताओं और वन आश्रित समुदायों को इस बात का आकलन करने करने में सहायता करेगा कि यह कानून किस हद तक लागू किया गया है।

इस नए अनुमान में ‘अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006’ की मान्यता की योजना एवं प्रभावी कार्यान्वयन के लिये एक आधार रेखा की पेशकश की गई है।

मानचित्र के लिये किया गया शोध:

अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006:

स्रोत: डाउन टू अर्थ