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नीति आयोग की अभिनव भारत @75 कार्यनीति | 20 Dec 2018 | शासन व्यवस्था

चर्चा मे?


नीति आयोग ने ‘अभिनव भारत @75 के लिये कार्यनीति’ (Strategy for New India @ 75) जारी की है जिसमें 2022-23 हेतु उद्देश्‍यों को परिभाषित किया गया है। यह 41 महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों का विस्‍तृत विवरण है जिसमें पहले से हो चुकी प्रगति को मान्‍यता दी गई है, प्रगति के मार्ग में बाध्‍यकारी रुकावटों की पहचान की गई है और स्‍पष्‍ट रूप से वर्णित उद्देश्‍यों को प्राप्‍त करने के विषय में सुझाव दिये गए है।

Key Messages

चार खंडों में किया गया है विभाजन

वाहक (Drivers)

Drivers

वाहकों से संबंधित खंड में की गई कुछ प्रमुख सिफारिशों में शामिल हैं:  

अवसंरचना (Infrastructure)

Infrastructure

अवसंरचना से संबंधित खंड में की गई कुछ प्रमुख सिफारिशों में शामिल हैं:  

समावेशन (Inclusion)

Inclusion

समावेशन से संबंधित खंड में की गई कुछ प्रमुख सिफारिशों में शामिल हैं:

गवर्नेंस (Governance)


गवर्नेंस से संबंधित अंतिम खंड में इस बात पर गहन चिंतन किया गया है कि विकास के बेहतर निष्‍कर्ष प्राप्‍त करने के लिये गवर्नेंस के ढाँचों को किस तरह सुव्‍यवस्थित और प्रक्रियाओं को अनुकूल बनाया जा सकता है।

Governance

गवर्नेंस से संबंधित खंड में की गई कुछ प्रमुख सिफारिशों में शामिल हैं:

गहन विचार-विमर्श के बाद बनी कार्यनीति

Constituents Consulted

इस दस्तावेज़ को शासन की पुन:कल्पना के संदर्भ में तैयार किया जा रहा है। इसका कारण यह है कि भारत को ऐसी 'Development State’ में पहुँचने की ज़रूरत है जो प्रमुख वस्तुओं और सेवाओं के मुश्किल और उत्तरदायी वितरण पर केंद्रित हो। इसके लिये सार्वजनिक-निजी साझेदारी के इष्टतम स्तर को हासिल करने का सतत् प्रयास किया जा रहा है। वस्तुओं और सेवाओं के अधिक कुशल वित्रन के लिये नीतियाँ लागू की गई हैं जैसे-स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, शहरी जल आपूर्ति एवं संयोजकता (connectivity)। इस संदर्भ में उद्यमिता और निजी निवेश को बढ़ावा देकर लालफीताशाही और बोझिल विनियमन को खत्म करने के लिये एक सुचिन्तित प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, 'अभिनव भारत @75 कार्यनीति’ को संयुक्त राष्ट्र के SDG (Sustainable Development Goals) के साथ संरेखित करने का भी प्रयास किया जा रहा है, यही कारण है कि कार्यनीति के सभी अध्यायों को उक्त लक्ष्यों की प्राप्ति के संदर्भ में तैयार किया गया है। वर्तमान में भारत ‘सबका साथ, सबका विकास’ के दर्शन के साथ 'Development State’  के रूप में परिणत हो रहा है। 2022-23 में अभिनव इंडिया के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिये सबसे महत्त्वपूर्ण यह है कि निजी क्षेत्र, नागरिक समाज और यहाँ तक कि सभी व्यक्तियों को सरकार के लक्ष्यों को पूरा करने और उनमें वृद्धि करने हेतु अपनी रणनीति तैयार करनी चाहिये। इसमें कोई संदेह नहीं है कि 21वीं शताब्दी में मौज़ूद प्रौद्योगिकी के साथ विकास की गति को व्यापक रूप दिया जा सकता है। सभी भारतीयों के संकल्प के साथ भारत को सिद्धि प्राप्त होगी।


स्रोत : नीति आयोग, द हिंदू