नई हाइड्रोकार्बन नीति | 29 Jun 2017

संदर्भ

  • भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय ने बुधवार को नई तेल एवं गैस ब्लाक  लाइसेंसिग नीति ज़ारी की है। यह नीति भारत में हाइड्रोकार्बन के अन्वेषण और उत्पादन गतिविधियों के लिये  2.8 मिलियन वर्ग किलोमीटर का तलछटी बेसिन खोल सकता है। 

प्रमुख बिंदु

  • सरकार ने ओपेन एकरीएज़  लाइसेंसिंग नीति (Open Acreage Licensing Policy-OALP) और राष्ट्रीय डाटा भंडार के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि भूकंपीय तलछटी बेसिन के डाटा की कमी तेल एवं गैस क्षेत्र के खोज और उत्पादन में बाधा डाल रही है।
  • भारत के तलछटी बेसिन के 52 फीसदी हिस्से का मूल्याँकन नहीं किया गया है। राष्ट्रीय आँकड़ा भंडार इस स्थिति में सुधार कर सकता है। 

चयन का  विकल्प

  • ओएएलपी सरकार की हाइड्रोकार्बन अन्वेषण और लाइसेंसिंग नीति का एक हिस्सा है, जो  सरकार के औपचारिक बोली का इंतज़ार किये बिना, अन्वेषण कंपनियों को स्वयं के अन्वेषण ब्लॉकों का चयन करने का विकल्प प्रदान करता है। कंपनी तब सरकार को एक आवेदन प्रस्तुत करती है और सरकार उस ब्लॉक को बोली लगाने के लिये रखती है। 
  • नई नीति अन्वेषण एवं उत्पादन के लिये  2.8 मिलियन वर्ग किलोमीटर का तलछटी बेसिन प्रदान करेगी। आरंभ में ब्लॉकों के लिये  आवेदन और संबंधित बोलियाँ एक वर्ष में दो बार-जनवरी और जुलाई में होंगी, परन्तु जब उद्योग इस मॉडल से परिचित हो जाएंगे  तब यह और अधिक बार  हो सकती है। 

मौलिक बदलाव

  • ओएएलपी भारत के अन्वेषण एवं उत्पादन इतिहास में एक मौलिक बदलाव है। यह नीति भारत सरकार की प्रशासनिक और नियामक बोझ को कम करने की प्रतिबद्धता को दोहराती है, जिससे व्यापार करने में आसानी होती है।
  • सभी प्रकार के हाइड्रोकार्बन के अन्वेषण के लिये एकल लाइसेंस, बिना तेल उपकर के, रॉयल्टी की कम दरें इत्यादि कुछ ऐसे प्रावधानों में से हैं, जो इस क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करेंगे।
  • यह निर्णय भारत की आयात निर्भरता को कम करने और ऊर्जा सुरक्षा की खोज को प्राप्त करने की दिशा में लंबा रास्ता तय करेगा।

डिस्कवर स्मॉल फिल्ड

  • हाल ही में संपन्न ‘छोटे क्षेत्र की खोज करें (डिस्कवर स्मॉल फिल्ड)’ बोली का दौर  उत्साहजनक रहा, क्योंकि इसने इस  क्षेत्र में  निवेश के महत्त्व की जानकारी दी है। 
  • सरकार भारत में दक्षिण-पूर्व एशियाई प्राकृतिक गैस केंद्र का विकास करने पर विचार कर रही है, जो गैस-ऑन-गैस प्रतियोगिता के माध्यम से घरेलू प्राकृतिक गैस के लिये  उचित मूल्य उपलब्ध कराएगा और एलएनजी आयात के तेल-अनुक्रमित प्रकृति से उत्पन्न होने वाली मूल्य कमजोरियों को दूर करने में सहायता करेगा।

गैस-ऑन-गैस प्रतियोगिता

  • गैस पर गैस प्रतियोगिता एक प्रकार का एलएनजी मूल्य निर्धारण तंत्र है। इसकी कीमत मांग एवं आपूर्ति के अंतर द्वारा निर्धारित की जाती है और यह कारोबार विभिन्न समयों पर (दैनिक, मासिक अथवा वार्षिक ) पर किया जाता है।