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मीथेन-संचालित रॉकेट इंजन | 24 Sep 2019 | विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

चर्चा में क्यों?

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organisation- ISRO) मीथेन संचालित रॉकेट इंजन विकसित करने की योजना बना रहा है।

प्रमुख बिंदु:

मीथेन आधारित ईंधन:

मीथेन को अंतरिक्ष में पानी और कार्बन डाई ऑक्साइड (CO2) के साथ संश्लेषित किया जा सकता है। इसे ‘भविष्य के ईंधन’ की संज्ञा भी दी जाती है। यह तकनीक वर्तमान क्रायोजेनिक इंजन को स्थानांतरित करने में सक्षम है।

हाइपरगोलिक प्रणोदक (Hypergolic Propellant):

ये ऑक्सीजन के संपर्क में आने पर स्वयं जलने लगते हैं और इन्हें किसी प्रज्जवलन स्रोत की आवश्यकता नहीं होती है।

तरल ऑक्सीजन (Liquid Oxygen- LOx):

यह संक्षिप्त रूप से मौलिक ऑक्सीजन का तरल रूप है। इसका प्रयोग वर्तमान में तरल-ईंधन वाले रॉकेट में ऑक्सीडाइज़र के रूप में किया जाता है।

लाभ:

पृष्ठभूमि

स्रोत: द हिंदू