डेली अपडेट्स

बयाद-ए-गालिब समारोह | 22 Feb 2020 | भारतीय विरासत और संस्कृति

प्रीलिम्स के लिये:

मिर्ज़ा गालिब

मेन्स के लिये:

मिर्ज़ा गालिब का ऊर्दू साहित्य और शायरी नामक विधा में अभूतपूर्व योगदान

चर्चा में क्यों?

मिर्ज़ा गालिब द्वारा अपनी पेंशन के बारे में पता लगाने के लिये कोलकाता आने के लगभग 190 वर्ष बाद 21 फरवरी, 2020 से कोलकाता में बयाद-ए-गालिब नामक समारोह आयोजित किया जा रहा है।

मुख्य बिंदु:

कार्यक्रम का आयोजन:

मिर्ज़ा गालिब की रचनाओं का बांग्ला में अनुवाद:

मिर्ज़ा गालिब:

स्रोत: द हिंदू