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अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण विधेयक-2019 | 07 Dec 2019 | भारतीय अर्थव्यवस्था

प्रीलिम्स के लिये:

अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (गठन एवं इसके कार्य), अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र

मेन्स के लिये:

अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण की आवश्यकता

चर्चा में क्यों?

हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण विधेयक, 2019 (International Financial Services Centres Authority Bill, 2019) को लोकसभा में प्रस्तुत किया गया।

Internation finance services

प्रमुख बिंदु

पृष्ठभूमि:

विधेयक की प्रमुख विशेषताएँ:

अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण का गठन: प्रस्तुत विधेयक में अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण की स्थापना का प्रावधान है।

  1. चेयरपर्सन
  2. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI), बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) तथा पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (Pension Fund Regulatory and Development Authority-PFRDA) द्वारा नामित चार सदस्य
  3. वित्त मंत्रालय के दो अधिकारी
  4. चयन समिति के सुझाव पर नियुक्त दो सदस्य

प्राधिकरण के कार्य: प्राधिकरण के प्रमुख कार्यों में शामिल होंगे:

उपरोक्त के अलावा यह प्राधिकरण IFSCs में वित्तीय उत्पादों, सेवाओं और संस्थानों के विनियमन से संबंधित सभी शक्तियों का उपयोग करेगा, जिन्हें पहले संबद्ध विनियामकों द्वारा उपयोग किया जाता था। प्राधिकरण विनियमन के लिये उन्हीं प्रक्रियाओं और कार्यवाहियों (जैसे अपराधों की जाँच से संबंधित प्रक्रियाएँ) का पालन करेगा जिन प्रक्रियाओं और कार्यवाहियों का पालन दूसरे विनियामक प्राधिकरणों द्वारा किया जाता है।

प्रदर्शन समीक्षा समिति: विधेयक के अनुसार, यह प्राधिकरण अपने कामकाज की समीक्षा के लिये प्रदर्शन समीक्षा समिति (Performance Review Committee) का गठन करेगा।

  1. प्राधिकरण अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए या अपने कार्य करते हुए मौजूदा कानूनी प्रावधानों का अनुपालन कर रहा है अथवा नहीं।
  2. उसके द्वारा बनाए गए नियम पारदर्शिता को बढ़ावा देने वाले और सुशासन कायम करने वाले हैं अथवा नहीं।
  3. प्राधिकरण अपने कामकाज में उचित तरीके से जोखिम प्रबंधन कर रहा है अथवा नहीं।

विदेशी मुद्रा में लेन-देन: विधेयक के अनुसार, IFSCs में वित्तीय सेवाओं के सभी लेन-देन उस मुद्रा/करेंसी में किये जाएंगे, जिसे प्राधिकरण केंद्र सरकार की सलाह से विनिर्दिष्ट करेगा।

अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण कोष: विधेयक अंतर्राष्ट्रीय वित्तीस सेवा केंद्र प्राधिकरण कोष (International Financial Services Centres Authority Fund) की स्थापना का भी प्रावधान करता है। इस कोष में निम्नलिखित राशियाँ जमा की जाएंगी:

अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण की आवश्यकता:

स्रोत: पी.आई.बी. एवं पी.आर.एस.