मानसिक विकारों के संबंध में भारत की पहली डिजिटल रिपॉजिटरी: CALM-ब्रेन | 27 Mar 2026
भारत ने CALM-ब्रेन लॉन्च किया है, जो मानसिक विकारों से संबंधित भारत की पहली डिजिटल रिपॉजिटरी है, जिसका उद्देश्य मानसिक विकारों के अनुसंधान, निदान और उपचार हेतु सहयोगी तंत्र के रूप में कार्य करना है।
- CALM-ब्रेन: यह अपनी तरह का पहला ओपन-सोर्स डेटाबेस है जो मानसिक विकारों से प्रभावित मस्तिष्क संरचना पर विस्तृत सूचनाएँ संकलित करता है, जिससे उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान और नैदानिक अनुप्रयोग सक्षम होते हैं।
- यह रिपॉजिटरी/संग्रह राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (NIMHANS) और राष्ट्रीय जैविक विज्ञान केंद्र (NCBS) - TIFR द्वारा रोहिणी नीलेकणी सेंटर फॉर ब्रेन एंड माइंड (CBM) के अंतर्गत विकसित किया गया है।
- यह संग्रह वर्ष 2016 में डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एवं प्रतिक्षा ट्रस्ट द्वारा संयुक्त रूप से वित्तपोषित एक्सेलेरेटर प्रोग्राम फॉर डिस्कवरी इन ब्रेन डिसऑर्डर यूजिंग स्टेम सेल्स (ADBS परियोजना) के भाग के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है।
- डेटा कवरेज़: यह प्लेटफॉर्म क्लिनिकल, न्यूरो-इमेजिंग, व्यवहारिक और आनुवंशिक डेटासेट को एकीकृत करता है, जो लत, बायपोलर डिसऑर्डर, डिमेंशिया और सिज़ोफ्रेनिया जैसे प्रमुख विकारों को कवर करता है, जो इसके दायरे को व्यापक बनाता है।
- इस संग्रह में 900 से अधिक परिवारों के 2,000 से अधिक व्यक्तियों का डेटा शामिल है, जो प्रभावित और अप्रभावित व्यक्तियों के बीच तुलनात्मक विश्लेषण को सक्षम बनाता है।
- बायोरिपॉजिटरी लिंकेज: यह एक स्टेम सेल बायोबैंक से संबंधित है, जो शोधकर्त्ताओं को मानसिक विकारों के जैविक आधार का पता लगाने और मानसिक स्वास्थ्य में प्रायोगिक अनुसंधान करने की अनुमति देता है।
- अनुसंधान का उद्देश्य: प्राथमिक लक्ष्य मानसिक विकारों के बायोमार्कर और तंत्रिका-संज्ञानात्मक संकेतकों की पहचान करना, रोगों की प्रगति को समझना और बेहतर नैदानिक परिणामों के लिये उपचार प्रतिक्रियाओं का अध्ययन करना है।
- महत्त्व: CALM-ब्रेन में प्रारंभिक निदान, व्यक्तिगत उपचार और सटीक मनोरोग को सक्षम बनाने की क्षमता है, जिससे भारत में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित सेवाओं की प्रदायगी में सुधार होगा।
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