भारत बना विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था | 05 Sep 2022

प्रिलिम्स के लिये:

सकल घरेलू उत्पाद (GDP), प्रति व्यक्ति GDP, सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC) सूचकांक, मानव विकास सूचकांक।

मेन्स के लिये:

भारतीय अर्थव्यवस्था में वृद्धि और विकास।

चर्चा में क्यों?

हाल ही में भारत यूनाइटेड किंगडम को पछाड़कर विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। अब संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, जापान और जर्मनी की ही अर्थव्यवस्था भारत से बड़ी है।

  • अनिश्चितताओं से युक्त विश्व में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 6-6.5% की वृद्धि करते के साथ ही भारत वर्ष 2029 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिये तैयार है।

Indian-Economy

प्रमुख बिंदु

  • नया मील का पत्थर:
    • दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक को पीछे छोड़ना, विशेष रूप से दो शताब्दियों तक भारतीय उपमहाद्वीप पर शासन करने वाली अर्थव्यवस्था, वास्तव में मील का पत्थर है।
  • अर्थव्यवस्था का आकार:
    • मार्च, 2022 की तिमाही में 'सांकेतिक/नॉमिनल कैश टर्म' में भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 854.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर था जबकि यूनाइटेड किंगडम की 816 बिलियन अमेरिकी डॉलर थी।
  • यूनाइटेड किंगडम के साथ तुलना:
    • जनसंख्या का आकार:
      • वर्ष 2022 तक भारत की जनसंख्या 1.41 बिलियन है जबकि यूनाइटेड किंगडम की जनसंख्या 68.5 मिलियन है।
  • प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद:
    • प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद आय स्तरों की अधिक यथार्थवादी तुलना प्रदान करता है क्योंकि यह किसी देश के सकल घरेलू उत्पाद को उस देश की जनसंख्या से विभाजित करता है।
    • भारत में प्रति व्यक्ति आय बहुत कम बनी हुई है, वर्ष 2021 में प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत 190 देशों में से 122वें स्थान पर है।

GDP-per-capita

  • गरीबी:
    • कम प्रति व्यक्ति आय अक्सर गरीबी के उच्च स्तर की ओर संकेत करती है।
    • 19वीं सदी की शुरुआत में ब्रिटेन में चरम गरीबी की हिस्सेदारी भारत की तुलना में काफी अधिक थी।
      • हालाँकि भारत ने गरीबी पर अंकुश लगाने में काफी प्रगति की है, फिर भी सापेक्ष स्थिति उलट गई है।
  • स्वास्थ्य:
    • सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC) सूचकांक को प्रजनन, मातृ, नवजात शिशु और बाल स्वास्थ्य, संक्रामक रोगों, गैर-संचारी रोगों तथा सेवा क्षमता एवं पहुँच सहित आवश्यक सेवाओं के औसत कवरेज़ के आधार पर 0 (सबसे खराब) से 100 (सर्वश्रेष्ठ) के पैमाने पर मापा जाता है।
    • जबकि तेज़ आर्थिक विकास और वर्ष 2005 से स्वास्थ्य योजनाओं पर सरकार की नीति ने भारत के लिये एक अलग सुधार किया है, इसके बावजूद अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना है।

Health-coverage-Index

  • मानव विकास सूचकांक (HDI):
    • उच्च सकल घरेलू उत्पाद और तेज़ आर्थिक विकास का अंतिम लक्ष्य बेहतर मानव विकास मानकों का होना है।
    • HDI (2019) के अनुसार यूके का स्कोर 0.932 और भारत का स्कोर 0.645 है जो तुलनात्मक रूप से यूके से काफी पीछे है।
      • अपने धर्मनिरपेक्ष सुधार के बावजूद भारत को अभी भी ब्रिटेन की वर्ष 1980 की स्थिति को प्राप्त करने में एक दशक लग सकता है।
  • वर्तमान परिदृश्य:
    • नाटकीय बदलाव पिछले 25 वर्षों में भारत की तीव्र आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ पिछले 12 महीनों में पाउंड के मूल्य में गिरावट देखी गई है।
      • वैश्विक भू-राजनीति में सही नीतिगत परिप्रेक्ष्य और पुनर्संरेखण से भी भारत के अनुमानों में उर्ध्मुखी संशोधन (Upward Revision) हो सकता है।

भारतीय अर्थव्यवस्था से संबंधित मुद्दे:

  • निर्यात में कमी और आयात में वृद्धि:
    • विनिर्माण क्षेत्र की8% की अल्प वृद्धि चिंता का विषय है।
      • साथ ही आयात की तुलना में निर्यात से अधिक होना चिंता का विषय है।
  • अप्रत्याशित मौसम:
    • यह अप्रत्याशित मानसून कृषि विकास और ग्रामीण मांग पर दबाव डाल सकता है।
  • महँगाई में वृद्धि:
    • लगातार सात महीनों से मुद्रास्फीति में लगभग 6% की लगातार वृद्धि हो रही है।
      • भारतीय अर्थव्यवस्था को उच्च ऊर्जा और कमोडिटी की कीमतों से प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका उपभोक्ता मांग और कंपनियों की निवेश योजनाओं पर प्रभाव पड़ने की संभावना है।

सकल घरेलू उत्पाद (GDP):

  • सकल घरेलू उत्पाद (GDP) एक विशिष्ट समय अवधि में किसी देश की सीमाओं के भीतर उत्पादित सभी तैयार वस्तुओं और सेवाओं का कुल मौद्रिक या बाज़ार मूल्य है।
    • समग्र घरेलू उत्पादन के व्यापक रूप में, यह किसी देश के आर्थिक स्थिति के व्यापक मूल्यांकन का कार्य करता है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्षों के प्रश्न(PYQs):

प्रिलिम्स:

Q. भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2015)

  1. पिछले दशक में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर में लगातार वृद्धि हुई है।
  2. बाज़ार मूल्य पर सकल घरेलू उत्पाद (रुपए में) पिछले एक दशक में लगातार वृद्धि हुई है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 और न ही 2

उत्तर: B

व्याख्या:

  • सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product- GDP) किसी देश की सीमाओं के भीतर एक विशिष्ट समय अवधि, आम तौर पर 1 वर्ष में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मौद्रिक मूल्य है। यह एक राष्ट्र की समग्र आर्थिक गतिविधि का एक व्यापक माप है।
  • वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद एक मुद्रास्फीति-समायोजित उपाय है जो किसी दिये गए वर्ष में अर्थव्यवस्था द्वारा उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य को आधार-वर्ष की कीमतों में व्यक्त करता है।
  • वास्तविक GDP की वृद्धि दर पिछले एक दशक में लगातार नहीं बढ़ी है। विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय घरेलू आर्थिक दबावों के कारण इसमें उतार-चढ़ाव आया है। अतः कथन 1 सही नहीं है।
  • भारत के बाज़ार मूल्यों पर सकल घरेलू उत्पाद पिछले एक दशक में वर्ष 2005 में लगभग 900 बिलियन अमेरीकी डॉलर से बढ़कर वर्ष 2015 में 2.1 ट्रिलियन अमेरीकी डॉलर हो गया है। वर्ष 2020 तक, भारत का सकल घरेलू उत्पाद 2.63 ट्रिलियन अमेरीकी डॉलर था। अत: कथन 2 सही है।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस