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2030 तक 30 गीगावाट अपतटीय पवन ऊर्जा का लक्ष्य | 20 Jun 2018 | प्रौद्योगिकी

चर्चा में क्यों?

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (Ministry of New and Renewable Energy - MNRE) ने भारत में अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजना के तहत मध्‍यम एवं दीर्घकालिक लक्ष्‍य घोषित किये हैं। वर्ष 2022 तक 5 गीगावाट का मध्‍यकालिक लक्ष्‍य और वर्ष 2030 तक 30 गीगावाट का दीर्घकालिक लक्ष्‍य घोषित किया गया है।

राष्‍ट्रीय अपतटीय पवन ऊर्जा नीति 

अपतटीय पवन ऊर्जा की संभावनाएँ

भारत सरकार द्वारा गुजरात के तट पर खंबात की खाड़ी (Gulf of Khambat) में प्रथम अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजना के लिये अभिरुचि पत्र (Expression of Interest-EoI) आमंत्रित किये गए हैं जिसमें देश-विदेश के उद्योग जगत ने काफी रुचि दिखाई है। हालाँकि पहली अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजना 1,000 मेगावाट है, तथापि सरकार की योजना वर्ष 2022 तक कम-से-कम 5 गीगावाट अपतटीय पवन ऊर्जा क्षमता स्थापित करना है। यह इस बात के महत्त्व को रेखांकित करता है कि अमेरिका और चीन के बाद ग्रीनहाउस गैसों के सबसे बड़े उत्सर्जक के रूप में भारत अपनी प्रतिबद्धता के प्रति पूरी तरह से गंभीर है। यही कारण है कि यह अपनी 7,600 किलोमीटर की तटरेखा पर पवन ऊर्जा क्षमता में वृद्धि करते हुए अपतटीय ऊर्जा शुल्क को कम करने की योजना बना रहा है।