डेली अपडेट्स

हेट स्पीच कानून का होगा विस्तार | 15 Dec 2017 | अंतर्राष्ट्रीय संबंध

संदर्भ 

विधि आयोग ने अपनी एक रिपोर्ट में हेट स्पीच या घृणा वाक् का दायरा बढ़ाए जाने की अनुशंसा की है।

क्या है हेट स्पीच?

विधि आयोग के अनुसार हेट स्पीच के अंतर्गत नस्ल, जाति, लिंग, यौन-उन्मुखता (Sexual Orientation) आदि के आधार पर किसी समूह के खिलाफ घृणा फैलाने के कृत्य शामिल हैं। भय या घृणा फैलाने वाले अथवा हिंसा को भड़काने वाले भाषण का लिखित रूप में या बोलकर अथवा संकेत द्वारा प्रेषित किया जाना ही हेट स्पीच है।

इससे जुड़ा नकारात्मक पहलू 

इसके संबंध में विधि आयोग की सिफारिशें

⇒ इसके लिये आयोग ने दो साल की कैद और जुर्माने के दंड की सिफारिश की है।

⇒ इसके लिये आयोग ने एक साल की कैद और जुर्माने अथवा बिना जुर्माने की सिफारिश की है। 

विधि आयोग ने विचार व्यक्त किया है कि हिंसा के लिये उकसाने को ही नफरत फैलाने वाले बयान के लिये एकमात्र मापदंड नहीं माना जा सकता। ऐसे बयान जो हिंसा नहीं फैलाते हैं उनसे भी समाज के किसी हिस्से या किसी व्यक्ति को मानसिक पीड़ा पहुँचने की संभावना होती है।

और क्या उपाय संभव हैं?

भारत को हेट स्पीच के मामले में कनाडा, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम से सीख लेने की आवश्यकता है। इन देशों ने इस तरह के भाषणों को न केवल विनियमित किया है, बल्कि इन्हें अपराध मानते हुए कुछ विशेष प्रावधान भी किये हैं।