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हिमालयी क्षेत्र और भू-जल | 14 Mar 2020 | भूगोल

प्रीलिम्स के लिये: 

भारतीय भू-चुंबकत्व संस्थान, भू-चुंबकत्व का अर्थ

मेन्स के लिये:

हिमालय की स्थिति परिवर्तन में भू-जल की भूमिका

चर्चा में क्यों?

भारतीय भू-चुंबकत्व संस्थान (Indian Institute of Geomagnetism-IIG) के शोधकर्त्ताओं ने भू-जल में मौसमी बदलावों के आधार पर हिमालय को घटते और अपनी स्थिति परिवर्तित करते हुए पाया है। 

प्रमुख बिंदु 

ग्लोबल पोज़िशनिंग सिस्टम (GPS)

ग्लोबल पोज़िशनिंग सिस्टम (GPS) जो कि उपग्रह आधारित नौवहन प्रणाली है, मुख्यत: तीन प्रकार की सेवाएँ प्रदान करती है- अवस्थिति, नेविगेशन एवं समय संबंधी सेवाएँ। ये सेवाएँ पृथ्वी की कक्षा में परिभ्रमण करते उपग्रहों की सहायता से प्राप्त की जाती हैं।

ग्रेविटी रिकवरी एंड क्लाइमेट एक्सपेरिमेंट (GRACE)

वर्ष 2002 में अमेरिका द्वारा लॉन्च किये गए ग्रेविटी रिकवरी एंड क्लाइमेट एक्सपेरिमेंट (GRACE) उपग्रह, विभिन्न महाद्वीपों पर पानी और बर्फ के भंडार में बदलाव की निगरानी करते हैं।

Grace

लाभ 

भारतीय भू-चुंबकत्व संस्थान

(Indian Institute of Geomagnetism-IIG)

स्रोत: पी.आई.बी.