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ग्रेट इंडियन बस्टर्ड | 07 Jan 2020 | जीव विज्ञान और पर्यावरण

प्रीलिम्स के लिये:

ग्रेट इंडियन बस्टर्ड

मेन्स के लिये:

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972

चर्चा में क्यों?

हाल ही में मरुभूमि राष्ट्रीय उद्यान (Desert National Park) जैसलमेर के संरक्षण केंद्र में 9 स्वस्थ ग्रेट इंडियन बस्टर्ड चूजों के जन्म की पुष्टि गई है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में विश्वभर में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की कुल संख्या लगभग 150 है।

ग्रेट इंडियन बस्टर्ड:

मुख्य बिंदु:

संरक्षण कार्यक्रम:

ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के संरक्षण में चुनौतियाँ:

प्रजनन और मृत्यु दर

भोजन व प्रवास के विषय में कम जानकारी

राज्यों द्वारा अनदेखी

WII की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ वर्षों पहले महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक राज्यों के कच्छ, नागपुर, अमरावती, सोलापुर, बेलारी और कोपल जैसे के ज़िलों में बड़ी संख्या में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड पाए जाते थे। हालाँकि वर्तमान में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की घटती संख्या को देखते हुए इनके संरक्षण के लिये कर्नाटक ने WII के अभियान से जुड़ने की इच्छा जाहिर की है परंतु महाराष्ट्र से इस संदर्भ में कोई उत्तर नहीं प्राप्त हुआ है।

अन्य चुनौतियाँ:

आगे की राह:

एक बार वयस्क हो जाने के बाद इन चूजों के विकास और प्रजनन के लिये उपयुक्त निवास स्थान की व्यवस्था करना तथा पुनः इन पक्षियों को प्राकृतिक वासस्थान में छोड़ने से पहले इन्हें भोजन और अपनी रक्षा के लिये आत्मनिर्भर बनाना भी WII के लिये एक बड़ी चुनौती होगी।

स्रोत: द इंडियन एक्सप्रेस