WEF:वैश्विक जोखिम रिपोर्ट 2024 | 13 Jan 2024

प्रिलिस्म के लिये:

विश्व आर्थिक मंच, चरम मौसमी घटनाएँ, जनरेटिव AI, जलवायु परिवर्तन

मेन्स के लिये:

वैश्विक जोखिम रिपोर्ट 2024: WEF, समावेशी विकास और इससे उत्पन्न होने वाले मुद्दे।

स्रोत: द हिंदू 

चर्चा में क्यों?

हाल ही में, विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum - WEF) ने वैश्विक जोखिम रिपोर्ट 2024 जारी की है, जो तीव्र तकनीकी विकास, आर्थिक अनिश्चितता, ग्लोबल वार्मिंग और गंभीर वैश्विक जोखिमों के विरुद्ध आगामी दशकों में मानव के सामने आने वाले भविष्य के गंभीर खतरों पर प्रकाश डालती है।

  • यह रिपोर्ट लगभग 1,500 विशेषज्ञों, उद्योग जगत के नेताओं और नीति निर्माताओं के सर्वेक्षण पर आधारित है।

वैश्विक जोखिम रिपोर्ट 2024 की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?

  •  वैश्विक परिदृश्य में नकारात्मक परिवर्तन:
    • वर्ष 2023 में संघर्ष, चरम मौसमी घटनाएँ और सामाजिक असंतोष सहित विभिन्न वैश्विक घटनाओं ने मुख्य रूप से नकारात्मक दृष्टिकोण में योगदान दिया है।
  • AI संचालित गलत सूचना और दुष्प्रचार:
    • गलत सूचना और दुष्प्रचार को अगले दो वर्षों में सबसे गंभीर जोखिमों के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, जो इस बात पर प्रकाश डालता है कि कैसे प्रौद्योगिकी में तेज़ी से प्रगति नई समस्याएँ पैदा कर रही है या मौजूदा समस्याओं को बदतर बना रही है।
    • यह चिंताजनक है कि  ChatGPT जैसे जनरेटिव AI  चैटबॉट्स के विकास से तात्पर्य है कि विशेष प्रतिभा वाले लोग अब जटिल सिंथेटिक सामग्री नहीं बना पाएँगे जिनका उपयोग लोगों के समूहों को नियंत्रित करने के लिये किया जा सकता है।
    • AI-संचालित गलत सूचना और दुष्प्रचार एक जोखिम के रूप में उभर रहा है, क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, इंडोनेशिया, भारत, मैक्सिको तथा पाकिस्तान जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं सहित कई देशों में अरबों लोग वर्ष 2024 एवं उसके बाद के चुनावों में भाग लेने के लिये तैयार हैं।
  • वैश्विक जोखिमों को आकार देने वाली संरचनात्मक शक्तियाँ:
    • अगले दशक में वैश्विक जोखिमों को आकार देने वाली चार संरचनात्मक शक्तियाँ हैं: जलवायु परिवर्तन, जनसांख्यिकीय विभाजन, त्वरित प्रौद्योगिकीय और भू-रणनीतिक बदलाव।
    • ये शक्तियाँ वैश्विक परिदृश्य में दीर्घकालिक परिवर्तनों का संकेत देती हैं, और उनकी अंतःक्रियाएँ अनिश्चितता और अस्थिरता में योगदान देंगी।
  • पर्यावरणीय जोखिम की प्रमुखता:
    • पर्यावरणीय जोखिम, विशेष रूप से चरम मौसम, सभी समय-सीमाओं में जोखिम परिदृश्य पर हावी रहते हैं।
    • संभावित अपरिवर्तनीय परिणामों के साथ, जलवायु परिवर्तन, जैवविविधता हानि और पृथ्वी प्रणालियों में महत्त्वपूर्ण परिवर्तनों के बारे में चिंताएँ स्पष्ट हैं।
  • आर्थिक तनाव और असमानता:
    • जीवनयापन की लागत का संकट, मुद्रास्फीति और आर्थिक मंदी जैसे आर्थिक जोखिम 2024 के लिये चिंताजनक हैं।
    • आर्थिक अनिश्चितता निम्न और मध्यम आय वाले देशों को असंगत रूप से प्रभावित करेगी, जिससे संभावित डिजिटल अलगाव और बिगड़ते सामाजिक तथा पर्यावरणीय प्रभाव होंगे।
  • सुरक्षा जोखिम और तकनीकी प्रगति:
    • अगले दो वर्षों में अंतर्राज्यीय सशस्त्र संघर्ष को शीर्ष जोखिम रैंकिंग में एक नए प्रवेशकर्त्ता के रूप में पहचाना गया है।
    • तकनीकी प्रगति, विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता में, सुरक्षा जोखिम पैदा करती है क्योंकि वे गैर-राज्य अभिकर्त्ताओं को विघटनकारी उपकरणों तक पहुँचने में सक्षम बनाती हैं, जिससे संभावित रूप से संघर्ष और अपराध में वृद्धि होती है।
  • भू-राजनीतिक बदलाव तथा शासन चुनौतियाँ:
    • वैश्विक शक्तियों के बीच विद्यमान व्यापक अंतराल, विशेष रूप से ग्लोबल नॉर्थ तथा साउथ के बीच, अंतर्राष्ट्रीय शासन में चुनौतियों का कारण बन सकता है।
    • ग्लोबल साउथ में देशों का बढ़ता प्रभाव तथा भू-राजनीतिक तनाव सुरक्षा गतिशीलता को नया आकार दे सकता है एवं वैश्विक जोखिमों को प्रभावित कर सकता है।

संबंधित अनुसंशाएँ क्या हैं?

  • निवेश एवं विनियमन का लाभ उठाने वाली स्थानीयकृत रणनीतियाँ अपरिहार्य जोखिमों के प्रभाव को कम कर सकती हैं तथा सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र इन लाभों को सभी तक पहुँचाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
  • भविष्य को प्राथमिकता देने तथा अनुसंधान एवं विकास पर ध्यान केंद्रित करने के प्रयासों के माध्यम से विकसित एकल सफल प्रयास विश्व को एक सुरक्षित स्थान बनाने में मदद कर सकते हैं।
  • नागरिकों, कंपनियों तथा देशों के वैयक्तिक प्रयास भले ही बहुत अधिक प्रभावशाली प्रतीत न हों किंतु वैश्विक जोखिम में कमी लाने में वे पर्याप्त प्रभाव डाल सकते हैं।
  • विश्व में बढ़ते विखंडन के बावजूद मानव सुरक्षा तथा विकास के लिये निर्णायक जोखिमों को कम करने के लिये बड़े पैमाने पर सीमा पार सहयोग वर्तमान में भी आवश्यक है।

वैश्विक जोखिम क्या है?

  • वैश्विक जोखिम को किसी घटना अथवा स्थिति के घटित होने की संभावना के रूप में परिभाषित किया गया है जिसके घटित होने पर वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद, जनसंख्या अथवा प्राकृतिक संसाधनों के एक महत्त्वपूर्ण अनुपात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
  • वैश्विक जोखिम रिपोर्ट स्विट्ज़रलैंड के दावोस में फोरम की आगामी वार्षिक बैठक आयोजित होने से पूर्व विश्व आर्थिक मंच द्वारा प्रकाशित एक वार्षिक अध्ययन है।

विश्व आर्थिक मंच क्या है?

  • परिचय:
    • वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) एक स्विस गैर-लाभकारी संस्थान है जिसकी स्थापना वर्ष 1971 में जिनेवा (स्विट्ज़रलैंड) में हुई थी।
    • स्विस सरकार द्वारा इसे सार्वजनिक-निजी सहयोग के लिये एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था के रूप में मान्यता प्राप्त है।
  • मिशन:
    • WEF वैश्विक, क्षेत्रीय और उद्योग जगत की परियोजनाओं को आकार देने हेतु व्यापार, राजनीतिक, शिक्षा क्षेत्र तथा समाज के अन्य प्रतिनिधियों को शामिल करके विश्व की स्थिति में सुधार के लिये प्रतिबद्ध है।
  • संस्थापक और कार्यकारी अध्यक्ष:  क्लॉस  श्वाब (Klaus Schwab)।
  • WEF द्वारा प्रकाशित प्रमुख रिपोर्टों में से कुछ निम्नलिखित हैं: 

  UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न  

प्रिलिम्स:

प्रश्न1. निम्नलिखित में से कौन विश्व के देशों के लिये “सार्वभौम लैंगिक अंतराल सूचकांक (ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स)” का श्रेणीकरण प्रदान करता है? (2017) 

(a) विश्व आर्थिक मंच 
(b) संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद 
(c)  UN वुमन 
(d) विश्व स्वास्थ्य संगठन 

उत्तर: (a) 


प्रश्न2. निम्नलिखित में से कौन विश्व आर्थिक मंच का संस्थापक है? (2009) 

(a) क्लॉस श्वाब 
(b) जॉन केनेथ गाॅलब्रैथ 
(c) रॉबर्ट ज़ूलिक
(d) पॉल क्रुगमैन 

उत्तर: (a) 


प्रश्न3. वैश्विक प्रतिस्पर्द्धात्मकता रिपोर्ट किसके द्वारा प्रकाशित की जाती है? (2019)

(a) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष 
(b) व्यापार एवं विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन 
(c) विश्व आर्थिक मंच 
(d) विश्व बैंक 

उत्तर: (c)