डेली अपडेट्स

ग्लोबल एजुकेशन मॉनीटरिंग रिपोर्ट | 20 Nov 2018 | विविध

चर्चा में क्यों?

बर्लिन में यूनेस्को (UNESCO) की 2019 ग्लोबल एजुकेशन मॉनीटरिंग रिपोर्ट, प्रवासन, विस्थापन और एजुकेशन (Global Monitoring Report, Migration, Displacement and Education) जारी की गई। यूनेस्को द्वारा जारी इस रिपोर्ट के अनुसार, पूरी दुनिया में वर्ष 2000 के बाद आप्रवासी तथा स्कूल जाने की उम्र वाले शरणार्थी बच्चों की संख्या में 26% की वृद्धि हुई है।

वैश्विक परिदृश्य

शरणार्थियों के बारे में क्या कहती है रिपोर्ट?

  1. केन्या शरणार्थियों को अपनी राष्ट्रीय शैक्षणिक पाठ्यक्रम का लाभ उठाने की अनुमति तो देता है लेकिन पूरी तरह से उन्हें समावेशित नहीं कर पाता है क्योंकि ये शरणार्थी कैंपों में रहते हैं जहाँ वे अपने केन्याई समकक्षों से बातचीत करने में असमर्थ होते हैं।
  2. लेबनॉन और जॉर्डन दोनों ऐसे देश हैं जहाँ प्रति व्यक्ति के हिसाब से शरणार्थियों की संख्या सबसे अधिक है, लेकिन इनके पास शरणार्थियों हेतु और अधिक स्कूलों का निर्माण करने के लिये संसाधनों की कमी है। इसलिये इन देशों ने अपने देश के नागरिकों और शरणार्थियों के लिये मॉर्निंग और इवनिंग शिफ्ट में स्कूलों की व्यवस्था की है जिससे इन दोनों समूहों के बीच सीमित बातचीत होती है।

आप्रवासियों (Immigrants) के बारे में क्या कहती है रिपोर्ट?

भारत के परिदृश्य में

रिपोर्ट में दिए गए सुझाव

निष्कर्ष