डेली अपडेट्स

‘सक्रिय दवा सामग्री’ के वैकल्पिक स्रोतों की तलाश | 23 Mar 2020 | शासन व्यवस्था

प्रीलिम्स के लिये:

सक्रिय दवा सामग्री 

मेन्स के लिये:

स्वास्थ्य क्षेत्र पर COVID-19 का प्रभाव

चर्चा में क्यों?

हाल ही में COVID-19 की महामारी के कारण चीन से आयात की जाने वाली ‘सक्रिय दवा सामग्री’ (Active Pharmaceutical Ingredient-API) की आपूर्ति प्रभावित होने के बाद सरकार ने अन्य देशों में भारतीय मिशनों/दूतावासों को API के वैकल्पिक स्रोतों की तलाश करने के निर्देश दिये हैं। 

मुख्य बिंदु:

‘सक्रिय दवा सामग्री’

(Active Pharmaceutical Ingredient-API):

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, किसी रोग के उपचार, रोकथाम अथवा अन्य औषधीय गतिविधि के लिये आवश्यक दवा के निर्माण में प्रयोग होने वाले पदार्थ या पदार्थों के संयोजन को ‘सक्रिय दवा सामग्री’ के नाम से जाना जाता है।

API के अन्य स्रोत और उनकी चुनौतियाँ: 

भारत सरकार के प्रयास: 

अन्य प्रयास:  

निष्कर्ष: पिछले कुछ वर्षों से वैश्विक स्तर पर फार्मास्युटिकल क्षेत्र में दवाइयों के उत्पादन में भारत का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है, इसके साथ ही भारत इस क्षेत्र में एक बड़ा निर्यातक भी बन गया है। परंतु वर्तमान में भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियों को दवाइयों के उत्पादन में आवश्यक रसायनों और API के लिये अन्य देशों (विशेषकर चीन) पर निर्भर रहना पड़ता है। API की आपूर्ति के स्रोतों को विकेंद्रीकृत करने से भविष्य में विषम परिस्थितियों में भी API की निर्बाध आपूर्ति को सुनिश्चित किया जा सकेगा। API के उत्पादन के लिये स्थानीय क्षमता के विकास से दवाइयों की लागत में कमी आएगी और भविष्य में इस क्षेत्र में भी व्यावसायिक अवसरों का लाभ उठाया जा सकेगा।    

स्रोत: द इंडियन एक्सप्रेस