साइबर धोखाधड़ी और COVID-19 | 16 Apr 2020

प्रीलिम्स के लिये:

COVID-19, वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क, भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम

मेन्स के लिये:

साइबर सुरक्षा से संबंधित मुद्दे 

चर्चा में क्यों:

COVID-19 के कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ते साइबर अपराधों से निपटना समाज और प्रशासन/सरकार के समक्ष  एक चुनौती भरा कदम होगा।

प्रमुख बिंदु:

  • उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के कारण अधिकांश कर्मचारी घर से काम कर रहे हैं।
    • यदि किसी संगठन/संस्था के पास वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (Virtual Private Network- VPN) नहीं है तो घर से कार्य कर रहे कर्मचारियों को सार्वजनिक प्लेटफार्मों के उपयोग से संगठन/संस्था के गोपनीय डेटा का गलत प्रयोग हो सकता है।
  • सूचना एवं तकनीक की मदद से फर्जी तरीके से लोगों के अकाउंट से पैसे निकालने की घटना दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। 

साइबर धोखाधड़ी के हालिया मामले: 

  • पीएम-केयर्स फंड की नकली UPI: 
    • ध्यातव्य है कि प्रधानमंत्री ने COVID-19 से निपटने हेतु पीएम-केयर्स फंड लॉन्च किया था।
    • पीएम-केयर्स फंड को लेकर एक अलर्ट जारी किया गया है जिसके अनुसार, कुछ अपराधियों द्वारा पीएम-केयर्स फंड की नकली UPI आईडी बनाई है। 

एकीकृत भुगतान प्रणाली

(Unified Payments Interface-UPI):

  • यह एक ऐसी प्रणाली है जो एक मोबाईल एप्लीकेशन के माध्यम से कई बैंक खातों का संचालन, विभिन्न बैंकों की विशेषताओं को समायोजित, निधियों का निर्बाध आवागमन और व्यापारियों का भुगतान कर सकता है। 
  • फेसबुक धोखाधड़ी:
    • फर्जी फेसबुक खातों के कई मामले सामने आ रहे हैं, जहाँ कथित तौर पर लोगों के  फेसबुक अकाउंट को हैक कर पैसे की मांग की जा रही है। 
  • ज़ूम एप (Zoom App):
    • ज़ूम एप को भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (Indian Computer Emergency Response Team - CERT-In) ने ‘मध्यम सुरक्षा रेटिंग (ऐसा एप जिसमें सुरक्षा संबंधी खामियाँ हों)’ का एप बताया है।
    • उपयोगकर्त्ताओं द्वारा ज़ूम एप को माइक्रोफोन, वेब-कैम और डेटा स्टोरेज तक पहुँचने की अनुमति देने से निजी डेटा चोरी होने की घटना सामने आई है। 

ज़ूम एप (Zoom App):

  • ज़ूम एप एक फ्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एप है। इसके जरिये यूज़र एक बार में अधिकतम 100 लोगों के साथ बात कर सकता है। एप में वन-टू-वन मीटिंग और 40 मिनट की ग्रुप कॉलिंग की सुविधा है।

समाधान:

  • भुगतान:
    • भुगतान करते समय UPI ID का सत्यापन करना, मोबाइल चोरी होने पर UPI ID को शीघ्रता से ब्लॉक करवाना, RBI द्वारा जारी KYC के दिशा-निर्देशों का पालन करना।
  • सोशल मीडिया:
    • गोपनीयता की रक्षा के लिये सर्वोत्तम प्रथाओं का पालन करना।
  • वीडियोकांफ्रेंसिंग: 
    • गोपनीय बैठकों में मुफ्त एप द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का उपयोग करने से बचना,  संगठन/संस्था के कार्य हेतु वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क का उपयोग करना।

इंटरपोल की सलाह:

  • लोगों को संदिग्ध ई-मेल खोलने और गैर-मान्यता प्राप्त ई-मेल और अनुलग्नकों में लिंक पर क्लिक करने से बचने के साथ ही नियमित रूप से बैकअप फाइल तैयार करने, मज़बूत पासवर्ड का उपयोग करने, सॉफ्टवेयर को अपडेट रखने, आदि की सिफारिश की जाती है।
  • इंटरपोल ने चिकित्सा उत्पादों के बारे में झूठे या भ्रामक विज्ञापनों की उभरती प्रवृत्ति, महामारी के दौरान फर्जी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की स्थापना, इत्यादि के बारे में चेतावनी दी है।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस