चीन में टाइफून को लेकर रेड अलर्ट | 09 Aug 2019

चर्चा में क्यों?

चीन के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने टाइफून तूफ़ान की वजह से रेड अलर्ट जारी किया।

प्रमुख बिंदु:

  • इस सुपर टाइफून को लेकीमा (Lekima ) नाम दिया गया है।
  • राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने अनुमान व्यक्त किया है कि वर्ष 2014 के बाद से इस वर्ष का टाइफून सबसे विनाशकारी होगा
  • चीन के मौसम ब्यूरो के अनुसार, यह सबसे पहले झेजियांग प्रांत के पूर्वी तट से टकराएगा। मुख्य भूमि से टकराने के बाद इसके उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है। टाइफून के प्रभाव को देखते हुए यांग्त्ज़ी नदी डेल्टा क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया है, इसी डेल्टा क्षेत्र में शंघाई स्थित है।
  • ताइवान में भी टाइफून के प्रभाव को देखते हुए उड़ानों को रद्द कर दिया है। इस तूफ़ान की गति 55-63 प्रति मील अनुमानित की गई है।

चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने भी यांग्त्ज़ी और पीली नदियों के पूर्वी, निचले क्षेत्रों में बाढ़ के लिए अलर्ट पहले ही जारी कर दिया है।

टाइफून:

  • टाइफून एक उष्णकटिबंधीय चक्रवात है जो उत्तरी गोलार्ध्द में 100° से 180° पूर्वी देशांतर के बीच विकसित होता है।
  • इस क्षेत्र को पश्चिमोत्तर प्रशांत बेसिन के नाम से जाना जाता है और यह पृथ्वी पर सबसे सक्रिय उष्णकटिबंधीय चक्रवात बेसिन है।
  • पश्चिमोत्तर प्रशांत बेसिन में टाइफून का कोई निश्चित समय नही होता है। अधिकांश टाइफून जून से नवंबर के बीच आते हैं एवं दिसंबर से मई के बीच भी सीमित टाइफून आते हैं।
  • अन्य उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के समान ही टाइफून के गठन और विकास की मुख्य दशाएँ-

(1) समुद्री सतह का पर्याप्त तापमान

(2) वायुमंडलीय अस्थिरता

(3) क्षोभमंडल में उच्च आर्द्रता

(4) निम्न वायु दाब केंद्र

(5) कोरिओलिस बल की उपस्थिति

(6) कम ऊर्ध्वाधर पवन कर्तन ( Wind Shear )

स्रोत: द हिंदू