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कार्डियो-वैस्कुलर रोग | 04 Sep 2019 | सामाजिक न्याय

चर्चा में क्यों?

हाल ही में लैंसेट (Lancet) में प्रकाशित शोध पत्र के अनुसार भारत में कार्डियो-वैस्कुलर रोगों (Cardiovascular Disease-CVD) के कारण होने वाली मृत्यु-दर उच्च है।

प्रमुख बिंदु

कार्डियो-वैस्कुलर रोग क्या हैं?

हृदय रोग (CVDs) हृदय और रक्त वाहिकाओं से संबंधित बीमारियों का समूह है। इन बीमारियों में शामिल हैं:

कार्डियो-वैस्कुलर रोग के जोखिम कारक

हृदय रोग के जोखिम कारक वे विशेष आदतें, व्यवहार व दिनचर्या आदि हैं जो किसी व्यक्ति के हृदय रोग से ग्रस्त होने के जोखिम को बढ़ाते हैं।

हृदय रोग कम और मध्यम आय वाले देशों में विकास का मुद्दा क्यों हैं?

WHO की प्रतिक्रिया

वर्ष 2013 में WHO की अगुवाई में सभी सदस्य देश गैर-संचारी रोगों (Non-Communicable Disease-NCD)के बोझ को कम करने के लिये वैश्विक तंत्र स्थापित करने तथा “NCDs की रोकथाम और नियंत्रण के लिये वैश्विक कार्ययोजना 2013-2020" को अपनाने पर सहमत हुये। इस योजना का लक्ष्य नौ स्वैच्छिक वैश्विक लक्ष्यों के माध्यम से वर्ष 2025 तक NCDs के कारण होने वाली असामयिक मौतों को 25% तक कम करना है।

स्रोत: द हिंदू