समुद्री और स्टार्टअप हब- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह | 10 Aug 2020

प्रिलिम्स के लिये:

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह 

मेन्स के लिये:

सबमरीन केबल कनेक्टिविटी परियोजना का महत्त्व

चर्चा में क्यों ?

हाल ही में भारतीय प्रधानमंत्री के द्वारा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के लिये सबमरीन केबल कनेक्टिविटी परियोजना का उद्घाटन किया गया है।

मुख्य बिंदु :  

  • प्रधान मंत्री के अनुसार,  अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अपने सामरिक महत्त्व के कारण, "समुद्री और स्टार्टअप हब" के रूप में विकसित होने जा रहा है और इसके लिये सरकार ने इस प्रकार की विकास पहलों पर प्रकाश डाला है।

  •  सबमरीन ओएफसी लिंक चेन्नई एवं पोर्ट ब्लेयर के बीच 2x 200 गीगाबाइट प्रति सेकेंड की बैंडविड्थ उपलब्ध कराएगा।  
  •  1224 करोड़ रुपए की लागत से चेन्नई-पोर्ट ब्लेयर और पोर्ट ब्लेयर एवं 7 द्वीपों के बीच समुद्र के भीतर 2300 किलोमीटर लंबी केबल बिछाई गई  है। 
  •  यह  पोर्ट ब्लेयर को स्वराज द्वीप , लिटिल अंडमान , कार निकोबार , कामोरता , ग्रेट निकोबार , लॉन्ग आइलैंड और रंगत से जोड़ेगी। 

परियोजना का महत्त्व:

  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को तीव्र मोबाइल और लैंडलाइन टेलीकॉम सेवाएँ मिलेंगी। 
  • इस क्षेत्र को अब बाहरी दुनिया से जुड़े रहने में कोई समस्या नहीं होगी। 
  • अंडमान में प्रस्तावित ट्रांसशिपमेंट हब यहाँ स्थित द्वीपों के समूहों को नीली अर्थव्यवस्था  तथा  समुद्री तटवर्ती और स्टार्टअप हब का एक महत्त्वपूर्ण केंद्र बनने में मदद करेगा।
  • इस द्वीप में अब टेली मेडिसिन, टेली एजुकेशन जैसी सेवाओं का विस्तार किया जा सकेगा, जिससे वहाँ के नागरिकों का जीवन स्तर उच्च होगा।  
  • इस पहल से इन क्षेत्रों में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोज़गार सृजन में भी वृद्धि होगी। 

Andaman-NIcobar

 उच्च प्रभाव वाली प्राथमिक परियोजनाएँ:

अंडमान और निकोबार  द्वीपसमूह के 12 द्वीपों को समुद्री खाद्य पदार्थ, जैविक उत्पाद और नारियल आधारित उत्पादों से संबंधित उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उच्च प्रभाव वाली परियोजनाओं के लिये चुना गया है।

आगे की राह :

  • स्वतंत्रता आंदोलन में अंडमान द्वीपसमूह का महत्त्व विभिन्न स्थानों पर देखा गया है  तथा सबमरीन केबल कनेक्टिविटी के रूप में इस क्षेत्र को दी गई यह सौगात आत्मनिर्भर भारत परियोजना और नए भारत के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
  • सरकार इन द्वीपों के भीतर और देश के बाकी हिस्सों में सबमरीन केबल कनेक्टिविटी के बीच हवाई संपर्क को बेहतर बनाने के लिये काम कर रही है, ताकि इनके विकास को नई दिशा दी जा सके।
  • कोरोना महामारी के प्रसार को देखते हुए टेलीमेडिसिन यहाँ के दुर्गम क्षेत्रों हेतु वरदान साबित हो सकती है।  

स्रोत-द हिंदू