भारत में AI-संचालित कर प्रशासन | 01 Apr 2026
चर्चा में क्यों?
भारत में कर प्रशासन, विशेष रूप से आयकर विभाग की प्रोजेक्ट इनसाइट (PI) के माध्यम से, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का तेज़ी से उपयोग कर रहा है।
- हालाँकि AI ने कर संबंधी अनुपालन और राजस्व संग्रहण में सुधार किया है, गोपनीयता, पूर्वाग्रह और जवाबदेही को लेकर चिंताएँ उभर रही हैं।
प्रोजेक्ट इनसाइट (PI) क्या है?
- परिचय: प्रोजेक्ट इनसाइट (PI) आयकर विभाग (ITD) की एक पहल है जिसे वर्ष 2017 में शुरू किया गया था (वर्ष 2019 से संचालन में) और इसका उद्देश्य कर संबंधी प्रशासन को सुदृढ़ करने के लिये कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करना है।
- यह बैंकिंग, GST, संपत्ति और उच्च-मूल्य वाले लेनदेन जैसे स्रोतों से डेटा का विश्लेषण करके करदाताओं की 360-डिग्री वित्तीय प्रोफाइल बनाता है।
- इसका उद्देश्य कर चोरी का पता लगाना, स्वैच्छिक अनुपालन में सुधार करना और निष्पक्ष एवं कुशल कर प्रवर्तन सुनिश्चित करना है, जिसमें तीन परस्पर संबंधित घटक शामिल हैं।
- INTRAC: आयकर विनिमय विश्लेषण केंद्र (INTRAC) मुख्य विश्लेषणात्मक इंजन है।
- यह प्रत्येक करदाता की व्यापक वित्तीय तस्वीर बनाने के लिये बैंकों, संपत्ति विनिमय, क्रेडिट कार्ड रिकॉर्ड, GST पेमेंट और क्रिप्टोकरेंसी होल्डिंग्स से वित्तीय डेटा एकत्रित करता है।
- CMCPC: अनुपालन प्रबंधन केंद्रीकृत प्रसंस्करण केंद्र (CMCPC) की विसंगतियों की पहचान करने और न्यूनतम रिपोर्टिंग के संभावित मामलों को चिह्नित करने के लिये INTRAC के आउटपुट का उपयोग करता है।
- NUDGE स्ट्रेटजी: नॉन-इंट्रूसिव डेटा उपयोग के माध्यम से मार्गदर्शन और सक्षमता (NUDGE) उन करदाताओं को SMS और ईमेल रिमाइंडर भेजती है, जिनकी घोषित आय उनके द्वारा डिटेक्ट की गई वित्तीय गतिविधि से मेल नहीं खाती है, जिससे वे स्वेच्छा से अपने रिटर्न में संशोधन कर सकें या अपनी फाइलिंग की व्याख्या कर सकें।
- प्रभाव:
- वर्ष 2020-21 से AI NUDGE रिमाइंडर के कारण 1 करोड़ से अधिक संशोधित रिटर्न दाखिल हुए, जिससे 11,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर राजस्व प्राप्त हुआ।
- विदेशी संपत्ति अभियान (2023-25) में 19,501 करदाताओं में से 62% ने अपने विवरणों में सुधार किया, जबकि 6.25 लाख करदाताओं को कवर करने वाले NUDGE अभियान ने 963 करोड़ रुपये के झूठे दावों का पता लगाया और 410 करोड़ रुपये का कर वसूला।
- परिचालन दक्षता में सुधार हुआ (2019 के बाद), जिसमें धनवापसी का समय 93 दिनों से घटकर 17 दिनों तक आ गया और AI ने वर्ष 2019-20 के बाद से 70,000 करोड़ रुपये की कर चोरी का पता लगाया।
कर प्रशासन में AI का महत्त्व
- सटीक जोखिम प्रोफाइलिंग: यह कर एजेंसियों को करदाता जोखिम प्रोफाइलों का सटीक आकलन करने और संभावित कर चोरी के पैटर्नों की शीघ्र पहचान करने में मदद करता है।
- संसाधनों का प्राथमिक निर्धारण: कर प्रशासक कर चोरी के पैमाने, आकार और जटिलता के आधार पर मामलों को प्राथमिकता दे सकते हैं।
- नियमित कार्यों का स्वचालन: AI दोहराए जाने वाले प्रशासनिक कर्त्तव्यों को स्वचालित करता है, जिससे कर अधिकारी जटिल मामलों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं जिनमें व्यक्तिपरक मानवीय निर्णय की आवश्यकता होती है।
- बेहतर करदाता सेवाएँ: AI-संचालित उपकरण करदाताओं को सही रिटर्न दाखिल करने में सहायता करते हैं, प्रश्नों के उत्तर देने के लिये स्मार्ट चैटबॉट तैनात करते हैं और कर-संबंधी घोटालों को रोकने में मदद करते हैं।
- ऑस्ट्रेलिया, इटली, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देशों ने समान AI-सक्षम प्लेटफॉर्म तैनात किये हैं और महत्त्वपूर्ण राजस्व लाभ देखा है।
कर प्रशासन में AI के उपयोग से संबंधित क्या जोखिम हैं?
- डेटा गुणवत्ता और अनुचित सकारात्मक परिणाम: AI सिस्टम केवल उतने ही विश्वसनीय होते हैं, जितना उनमें फीड किया गया डेटा होता है।
- परिवर्तनशील आय वाले (फ्रीलांसर जो पिछली बचत का उपयोग करते हैं, संयुक्त परिवार की संरचना वाले व्यक्ति को गलत तरीके से कर चोर के रूप में चिह्नित किया जा सकता है।
- सुलभ मानवीय समीक्षा के बगैर इन करदाताओं पर अपनी निर्दोषता साबित करने का बोझ आ जाता है।
- एल्गोरिद्मिक पूर्वाग्रह: यदि किसी AI मॉडल को ऐतिहासिक प्रवर्तन अभिलेखों पर प्रशिक्षित किया जाता है, जो पिछले सामाजिक-आर्थिक या भौगोलिक पूर्वाग्रहों को दर्शाते हैं, तो यह उन पूर्वाग्रहों को दोहरा और बढ़ा सकता है।
- डच चाइल्डकेयर बेनिफिट स्कैंडल एक चेतावनी भरी केस स्टडी है, जहाँ त्रुटिपूर्ण शासन और एल्गोरिद्मिक पूर्वाग्रह ने हज़ारों परिवारों को धोखाधड़ी के गलत आरोपों के सामने ला दिया, जिससे गंभीर वित्तीय कठिनाई और सामाजिक संकट उत्पन्न हुआ।
- व्याख्यात्मकता और विधिक प्रक्रिया का अभाव: करदाताओं के पास वर्तमान में इस बात की जानकारी का अभाव है कि उन्हें क्यों चिह्नित किया गया या AI ने अपना निष्कर्ष कैसे निकाला।
- एक न्यायसंगत प्रणाली के लिये एल्गोरिद्म द्वारा लिये गए निर्णयों को चुनौती देने हेतु एक पारदर्शी तंत्र का होना अनिवार्य है, साथ ही ऐसे मूल्यांकन जिनका परिणाम गंभीर या दूरगामी (Serious Consequences) हो, उनमें "ह्यूमन-इन-द-लूप" यानी मानव की भागीदारी को अनिवार्य बनाया जाना चाहिये।
- डेटा गोपनीयता की संवेदनशीलता: अत्यधिक संवेदनशील व्यक्तिगत और वित्तीय डेटा को एक ही प्रणाली में एकत्रित करना साइबर धोखाधड़ी, डेटा उल्लंघन और डिजिटल वित्तीय अपराधों के लिये एक विशाल 'अटैक सरफेस' तैयार करता है। वर्ष 2025 में भारतीयों को ऐसी गतिविधियों के कारण कम-से-कम 22,495 करोड़ अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ।
- संस्थागत रिक्तता: भारत में वर्तमान में एक स्वतंत्र AI लोकपाल का अभाव है, जो विवादित निर्णयों की समीक्षा कर सके।
- इसके अतिरिक्त एल्गोरिद्म प्रभाव आकलन, जोखिम-स्कोरिंग मॉडल के बाहरी ऑडिट या 'फॉल्स पॉजिटिव' (गलत पहचान) की दर और सफल अपीलों पर सार्वजनिक रिपोर्टिंग के लिये भी कोई कानूनी ढाँचा मौजूद नहीं है।
भारत नैतिक AI कर प्रशासन कैसे सुनिश्चित कर सकता है?
- ह्यूमन-इन-द-लूप दृष्टिकोण: किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से पहले अनिवार्य मानवीय समीक्षा सुनिश्चित करें और अधिकारियों को AI आउटपुट का आलोचनात्मक मूल्यांकन करने के लिये प्रशिक्षित करें, ताकि एल्गोरिद्म पर अंधाधुंध निर्भरता को रोका जा सके।
- AI लोकपाल: करदाताओं के लिये एक स्वतंत्र शिकायत निवारण निकाय स्थापित करें, जो AI-आधारित निर्णयों को चुनौती देने और 'फॉल्स पॉजिटिव' (गलत पहचान) जैसी प्रणालीगत त्रुटियों को दूर करने का कार्य करे।
- एल्गोरिद्म पारदर्शिता और ऑडिट: कर प्रवर्तन में AI प्रणालियों के पूर्वाग्रह, सटीकता तथा निष्पक्षता की जाँच करने के लिये स्वतंत्र ऑडिट एवं सार्वजनिक रिपोर्टिंग को अनिवार्य बनाया जाना चाहिये।
- व्याख्यात्मकता और उचित प्रक्रिया: करदाताओं को यह जानने का अधिकार सुनिश्चित करें कि उन्हें 'फ्लैग' या चिह्नित क्यों किया गया है और त्रुटियों का उत्तर देने या उन्हें सुधारने के लिये स्पष्ट एवं सुलभ तंत्र प्रदान करें।
- डेटा गोपनीयता और सुरक्षा: संवेदनशील वित्तीय जानकारी की सुरक्षा के लिये कड़े एक्सेस कंट्रोल, डेटा न्यूनीकरण और मज़बूत साइबर सुरक्षा ढाँचे को लागू करें।
- बेहतर डेटा संदर्भीकरण: भारत की विशिष्ट वित्तीय वास्तविकताओं, जैसे हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), अनौपचारिक अर्थव्यवस्था और अस्थिर आय को समझने के लिये AI प्रणालियों को प्रशिक्षित करें, ताकि 'फॉल्स पॉजिटिव' (गलत पहचान) के मामलों को कम किया जा सके।
निष्कर्ष
भारत का AI-संचालित कर प्रशासन की ओर बढ़ता कदम कर अनुपालन में सुधार और राजस्व जुटाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। हालाँकि इस परिवर्तन को पारदर्शिता, स्वतंत्र निगरानी, शिकायत निवारण और डेटा गोपनीयता सुरक्षा जैसे मज़बूत नैतिक सुरक्षा उपायों के साथ संतुलित किया जाना अनिवार्य है। इन उपायों को लागू करके ही भारत एक ऐसी न्यायपूर्ण, कुशल और भरोसेमंद कर प्रणाली का निर्माण कर सकता है जो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती हो।
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दृष्टि मेन्स प्रश्न: प्रश्न. ‘AI-संचालित शासन कार्यक्षमता में सुधार करता है, लेकिन गंभीर नैतिक चिंताएँ भी उत्पन्न करता है।’ भारत के कर प्रशासन के संदर्भ में चर्चा कीजिये। |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. प्रोजेक्ट इनसाइट (PI) क्या है?
यह आयकर विभाग की एक AI-आधारित पहल (2017) है, जिसका उद्देश्य डेटा विश्लेषण और 360-डिग्री करदाता प्रोफाइलिंग के माध्यम से कर अनुपालन को बेहतर बनाना है।
2. कर प्रशासन में 'NUDGE' रणनीति क्या है?
यह एक गैर-हस्तक्षेपकारी दृष्टिकोण है, जिसके तहत करदाताओं को विसंगतियों को सुधारने और स्वेच्छा से अनुपालन करने के लिये SMS/ईमेल अलर्ट भेजे जाते हैं।
3. कर प्रशासन में AI के उपयोग के प्रमुख परिणाम क्या हैं?
1 करोड़ से अधिक संशोधित रिटर्न, ₹11,000 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व, तेज़ रिफंड और बड़े पैमाने पर कर चोरी का पता लगाना।
4. कर प्रशासन में AI के प्रमुख जोखिम क्या हैं?
एल्गोरिद्मिक पक्षपात, गलत सकारात्मक परिणाम, पारदर्शिता की कमी और डेटा गोपनीयता संबंधी चिंताएँ।
5. नैतिक AI शासन के लिये किन सुधारों की आवश्यकता है?
मानवीय निगरानी, AI लोकपाल, पारदर्शिता, ऑडिट और मज़बूत डेटा संरक्षण ढाँचे अत्यंत आवश्यक हैं।
सिविल सेवा परीक्षा, पिछले वर्ष के प्रश्न (PYQs)
प्रिलिम्स
प्रश्न: विकास की वर्तमान स्थिति के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य प्रभावी ढंग से कर सकती है? (2020)
1. औद्योगिक इकाइयों में बिजली की खपत को कम करना
2. सार्थक लघु कथाओं और गीत की रचना
3. रोग निदान
4. टेक्स्ट-टू-स्पीच रूपांतरण
5. विद्युत ऊर्जा का वायरलेस संचरण
नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:
(a) केवल 1, 2, 3 और 5
(b) केवल 1, 3 और 4
(c) केवल 2, 4 और 5
(d) 1, 2, 3, 4 और 5
उत्तर: (b)
मेन्स:
प्रश्न. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की अवधारणा का परिचय दीजिये। एआई क्लिनिकल निदान में कैसे मदद करता है? क्या आप स्वास्थ्य सेवा में एआई के उपयोग में व्यक्ति की निजता को कोई खतरा महसूस करते हैं? (2023)