पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो का 50वाँ स्थापना दिवस | 30 Aug 2019

चर्चा में क्यों?

पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो (Bureau of Police Research and Development-BPR&D) के 50वें स्थापना दिवस के अवसर पर गृह मंत्री ने पुलिस विभाग को आधुनिक बनाने पर ज़ोर दिया और सुरक्षाकर्मियों से ज़िम्मेदारी के साथ अपने कर्त्तव्यों को निभाने का आग्रह किया।

प्रमुख बिंदु:

  • गृह मंत्री द्वारा की गई प्रमुख घोषणाएँ:
    • राष्ट्रीय स्तर पर पुलिस विश्वविद्यालय (Police University) और फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (Forensic Science University) की स्थापना की जाएगी जिसका उद्देश्य पुलिस और सशस्त्र बल में शामिल होने के इच्छुक विद्यार्थियों को तैयार करना होगा।
    • जेल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि जेल प्रशासन में सुधारवादी दृष्टिकोण अपनाया जा सके और सज़ा के दौरान कैदियों को अच्छा नागरिक बनाया जा सके।
    • भारतीय दंड संहिता (Indian Penal Code-IPC) और आपराधिक प्रक्रिया संहिता (Criminal Procedure Code-CrPC) की वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुसार पूर्ण समीक्षा करने और उसमे संशोधन किये जाने की आवश्यकता है।
    • थाना (Thana) स्तर पर खबरी प्रणाली (Khabri System) को मज़बूत करने की आवश्यकता है।
    • पुलिस तंत्र को थर्ड डिग्री टार्चर (Third-Degree Torture) के स्थान पर वैज्ञानिक जाँच को अपनाना चाहिये।

पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो

(Bureau of Police Research and Development-BPR&D)

  • पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो की स्थापना गृह मंत्रालय के तहत 28 अगस्त, 1970 को भारत सरकार द्वारा की गई थी।
  • इसने पुलिस के आधुनिकीकरण के प्राथमिक उद्देश्य के साथ पुलिस अनुसंधान और सलाहकार परिषद (Police Research and Advisory Council) को प्रतिस्थापित किया था।
  • भारत सरकार ने देश में पुलिस बलों की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के उद्देश्य से BPR&D के तहत राष्ट्रीय पुलिस मिशन (National Police Mission) बनाने का निर्णय लिया है।

स्रोत: द हिंदू