भारत-सिंगापुर रक्षा मंत्रियों की 5वीं वार्ता | 22 Jan 2021

चर्चा में क्यों?

हाल ही में भारत और सिंगापुर के रक्षा मंत्रियों की 5वीं वार्ता (5th Defence Ministers' Dialogue- DMD) का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सफलतापूर्वक किया गया।

Singapore

प्रमुख बिंदु:

समझौता:

  • दोनों नौ सेनाओं के बीच पनडुब्बी बचाव सहायता और सहयोग को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर किये गए।

संयुक्त स्टैंड:

  • द्विपक्षीय सहयोग:
    • दोनों देशों ने लाइव फायरिंग (Live Firing) और सैन्य पाठ्यक्रमों की क्रॉस-अटेंडेंस (Cross-Attendance) के लिये पारस्परिक व्यवस्था स्थापित करने हेतु किये गए समझौतों को जल्द-से-जल्द पूरा करने के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।
    • उनके द्वारा अगस्त 2020 में मानवीय सहायता और आपदा राहत (Humanitarian Assistance and Disaster Relief) सहयोग पर समझौते सहित द्विपक्षीय रक्षा सहयोग का विस्तार करने वाली पहलों का स्वागत किया गया।
    • दोनों देशों की सशस्त्र बलों की साइबर एजेंसियों ने भी संबंधों को मज़बूत करने में सहयोग किया है।
  • कोविड-19 का प्रभाव:
    • दोनों देशों ने कोविड-19 महामारी का रक्षा और सुरक्षा कार्यों पर पड़ने वाले प्रभावों पर विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें दोनों देशों के सशस्त्र बलों द्वारा अपनाई गई सर्वोच्च कार्य-प्रणालियाँ भी शामिल थीं।
  • रक्षा अभ्यास:
    • दोनों देशों द्वारा इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की गई कि भारतीय नौसेना और सिंगापुर नौसेना ने सिंगापुर-भारत समुद्री द्विपक्षीय अभ्यास (SIMBEX) के 27वें संस्करण का सफलता से संचालन किया व सिंगापुर-भारत-थाईलैंड समुद्री अभ्यास (SITMEX) के दूसरे संस्करण में भी हिस्सा लिया; दोनों अभ्यासों का आयोजन नवंबर 2020 में किया गया था।
    • ये अभ्यास नौ सेनाओं के बीच पारस्परिकता को बढ़ावा देते हैं और देशों की साझा ज़िम्मेदारी को रेखांकित करते हैं, ताकि समुद्री मार्ग को खुला रखा जा सके।

भारत का रुख:

  • भारत ने महामारी की चरम अवस्था के दौरान विदेशी श्रमिकों की मदद के लिये सिंगापुर के सशस्त्र बलों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनमें कई भारतीय नागरिक भी शामिल थे।
  • भारत ने क्षेत्रीय सुरक्षा के लिये आसियान को केंद्र में रखने की पुष्टि की और आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक (ASEAN Defence Minister Meeting)-प्लस के सभी प्रयासों के लिये भारत का समर्थन करने का वादा किया।

सिंगापुर का रुख:

  • सिंगापुर ने भौगोलिक और जनसंख्या से संबंधित चुनौतियों के बावजूद कोविड-19 मामलों की समग्र संख्या को कम करने में भारत की सफलता की सराहना की।
  • इसने HADR पर ADMM-प्लस विशेषज्ञों के कार्य समूह के लिये भारत की आगामी सह-अध्यक्षता के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

नोट:

  • सिंगापुर को 'हेनले पासपोर्ट सूचकांक (Henley Passport Index) 2021' में विश्व के सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट की सूची में दूसरा स्थान दिया गया है।
  • सिंगापुर के नाम पर होने वाली पहली संयुक्त राष्ट्र संधि, अंतर्राष्ट्रीय समाधान समझौतों पर संयुक्त राष्ट्र संधि (United Nations Convention on International Settlement Agreements-UNISA) या मध्यस्थता पर सिंगापुर सम्मेलन (Singapore Convention on Mediation) हाल ही में लागू हुई है।
  • हाल ही में यूनेस्को (UNESCO) ने अंतर-सरकारी समिति के 15वें सत्र में  मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में सिंगापुर की हॉकर संस्कृति (Hawker Culture) को शामिल किया था।

भारत-सिंगापुर संबंध

रक्षा और सुरक्षा सहयोग:

  • भारत और सिंगापुर आतंकवाद तथा अतिवाद से उत्पन्न चुनौतियों को समान रूप से साझा करते हैं। इसलिये सुरक्षा सहयोग पर व्यापक ढाँचा विकसित करना पारस्परिक रूप से लाभकारी है।
  • सिंगापुर हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (Indian Ocean Naval Symposium) और भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित बहुपक्षीय युद्ध अभ्यास मिलन (MILAN) में भाग लेता है।
  • हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (Indian Ocean Rim Association) में सिंगापुर की सदस्यता और  ADDM Plus (आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस) में भारत की सदस्यता दोनों देशों को आपसी क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करने हेतु एक मंच प्रदान करती है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग:

  • सिंगापुर के पहले स्वदेश निर्मित सूक्ष्म उपग्रह को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा वर्ष 2011 में लॉन्च किया गया, इसके बाद वर्ष 2014 में 2 तथा वर्ष 2015 में 6 और उपग्रहों को ISRO द्वारा  लॉन्च किया गया।
  • दोनों देशों ने जून 2018 में स्वास्थ्य सेवा, साइबर सुरक्षा, स्वचालन (Automation), गतिशीलता, स्मार्ट ऊर्जा प्रणाली और ई-गवर्नेंस में सुधार के लिये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, संज्ञानात्मक कंप्यूटिंग और बड़े डेटा एनालिटिक्स (Analytics) के क्षेत्र में छह समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किये।

व्यापार और आर्थिक सहयोग:

  • सिंगापुर आसियान देशों में भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है।
  • भारत में सिंगापुर का कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) $73.3 बिलियन (जून 2018 तक) था, जो कुल विदेशी निवेश का 19% था।
  • भारत द्वारा सिंगापुर में किया जाने वाला कुल निवेश 62.9 बिलियन डॉलर (अगस्त 2018 तक) था, इस तरह से भारतीय निवेश के लिये सिंगापुर शीर्ष स्थलों में से एक बन गया है।
  • भारतीय उच्चायोग ने वर्ष 2018 में एक स्टार्टअप एंगेजमेंट प्लेटफॉर्म, इंडिया-सिंगापुर एंटरप्रेन्योरशिप ब्रिज (InSperiaur) भी लॉन्च किया।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी:

  • कनेक्टिविटी: सिंगापुर 8 एयरलाइंस के माध्यम से  18 भारतीय शहरों से सीधे जुड़ा हुआ है, भारत और सिंगापुर की एयरलाइंस द्वारा लगभग 616 साप्ताहिक उड़ानों का संचालन किया जाता है।
  • स्मार्ट सिटी: सिंगापुर की कंपनियों के एक सहायता संघ (Consortium) द्वारा आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती को विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा  सिंगापुर, उदयपुर और जोधपुर में टाउनशिप के लिये योजना तैयार करने में राजस्थान के साथ, ग्रेटर शिमला को एक एकीकृत टाउनशिप बनाने के लिये हिमाचल प्रदेश के साथ तथा ऑरेंज स्मार्ट सिटी के विकास व पुणे महानगर क्षेत्र की मास्टर प्लानिंग हेतु महाराष्ट्र के साथ मिलकर काम कर रहा है।

सांस्कृतिक सहयोग:

  • सिंगापुर में बड़ी संख्या में रहने वाले भारतीय प्रवासी कई सांस्कृतिक समूहों के माध्यम से एवं सिंगापुर के आधिकारिक समर्थन से उच्च स्तरीय सांस्कृतिक गतिविधियों को साझा करते हैं।
  • उन्होंने 4वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Day of Yoga) पर 173 सभाओं (Session) का आयोजन किया जिसमें लगभग 8000 लोगों ने भाग लिया।
  • यहाँ तक कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर सनटेक कन्वेंशन सेंटर (Suntec Convention Centre- दुनिया की सबसे बड़ी HD वीडियो स्क्रीन) में गांधीजी का वीडियो चलाकर मनाया गया।

भारतीय समुदाय:

  • सिंगापुर में रहने वाली कुल 3.9 मिलियन आबादी में 3.5 लाख (9.1%) भारतीय नागरिक हैं।
  • आसियान-भारत भागीदारी के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 6-7 जनवरी, 2018 को सिंगापुर में आसियान-भारत प्रवासी भारतीय दिवस (Pravasi Bharatiya Divas) मनाया गया।

स्रोत: पी.आई.बी.