प्रिलिम्स फैक्ट्स (13 Apr, 2022)



‘कैनिस्टर लॉन्च्ड एंटी-आर्मर लोइटर एम्युनिशन’ (CALM) सिस्टम

हाल ही में भारतीय सेना ने ‘कैनिस्टर लॉन्च्ड एंटी-आर्मर लोइटर एम्युनिशन’ (CALM) सिस्टम के लिये ‘सूचना हेतु अनुरोध’ (RFI) जारी किया है। 

  • इससे पहले भारतीय सेना ने लद्दाख और कच्छ में तैनात किये जाने वाले आर्टिकुलेटेड ऑल-टेरेन व्हीकल्स की आपूर्ति के लिये ‘सूचना हेतु अनुरोध’ (RFI) जारी किया था।

CALM-Systems

CALM सिस्टम का कार्य:

  • CALM सिस्टम एक प्री-लोडेड कैनिस्टर है जिसमें ड्रोन या ‘लोइटर मूनिशन’ शामिल होता है। ‘लोइटर मूनिशन’ सतह-से-सतह पर मार करने वाली मिसाइल प्रणाली और ड्रोन का मिश्रण है।
  • एक बार फायर करने के बाद यह ऑपरेशन के क्षेत्र में कुछ समय के लिये हवा में रह सकता है और जब कोई लक्ष्य देखा जाता है तो इसे विस्फोटक पेलोड के साथ लक्ष्य को नष्ट करने के लिये निर्देशित किया जा सकता है।
  • आमतौर पर ‘लोइटर मूनिशन’ में एक कैमरा होता है जो आगे की ओर लगा होता है और जिसका उपयोग ऑपरेटर द्वारा ऑपरेशन क्षेत्र को देखने और लक्ष्य चुनने के लिये किया जा सकता है।
  • यदि लक्ष्य पर इसका प्रयोग नहीं किया जाता है तो ऐसी स्थिति में इन्हें पुनर्प्राप्त एवं पुन: उपयोग किया जा सकता है।
  • ‘लोइटर मूनिशन’ की हवा में हमला करने की क्षमता इसे टैंक जैसे लक्ष्यों के प्रति बड़ा लाभदायक बनाता है, जो कि किसी भी हवाई हमले के प्रति सुभेद्य होते हैं।
    • लड़ाकू या सशस्त्र ड्रोन की तुलना में लोइटर मूनिशन छोटे, सस्ते एवं कम जटिल सिस्टम हैं।

क्या इसका इस्तेमाल किसी देश ने किया है?

  • वर्ष 2021 में आर्मेनिया-अज़रबैजान संघर्ष में CALM सिस्टम का बहुत प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया था, जहाँ अज़रबैजान की सेनाओं ने अर्मेनियाई टैंकों, रडार सिस्टम, संचार केंद्रों और अन्य सैन्य लक्ष्यों पर हमले ​​के लिये इज़रायली प्रणालियों का व्यापक उपयोग किया था।
  • रूसी सेना भी यूक्रेन में अपने ZALA KYB ‘लोइटर मूनिशन’ का उपयोग कर रही है, जबकि कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि अमेरिका ने यूक्रेन को अपने स्विचब्लेड लोइटर मूनिशन भी प्रदान किये हैं जो 10 किमी दूर रूसी कवच को निशाना बना सकते हैं।

सेना CALM सिस्टम का उपयोग कहाँ करेगी?

  • CALM सिस्टम का उपयोग देश के पश्चिमी भागों के मैदानों और रेगिस्तानों के साथ-साथ 5,000 मीटर तक की ऊँचाई वाले उत्तरी क्षेत्रों में किया जाएगा।
  • यह सेना की मैकेनाइज़्ड इन्फैंट्री इकाइयों द्वारा वास्तविक समय में लक्ष्य की निगरानी के लिये और विस्तारित रेंज में दुश्मन के बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों एवं अन्य ज़मीन आधारित हथियार प्लेटफॉर्मों की निगरानी हेतु नियोजित किया जाएगा।

विगत वर्षों के प्रश्न:

प्रश्न. कभी-कभी खबरों में दिखने वाला ‘टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस’ (THAAD) क्या है? (2018)

(a) एक इज़रायली रडार सिस्टम
(b) भारत का स्वदेशी मिसाइल रोधी कार्यक्रम
(c) अमेरिकी मिसाइल रोधी प्रणाली
(d) जापान एवं दक्षिण कोरिया के बीच एक रक्षा सहयोग

उत्तर: (c)

  • टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) एक अमेरिकी मिसाइल रोधी प्रणाली है जिसे उड़ान के "टर्मिनल" चरण के दौरान छोटी और मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने तथा नष्ट करने के लिये डिज़ाइन किया गया है।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस


रियायती कर दर व्यवस्था

हाल के सरकारी आँकड़ों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सितंबर 2019 में केंद्र सरकार द्वारा घोषित रियायती कॉर्पोरेट कर की दर (Concessional Corporate Tax Rate) में वर्ष 2019-20 (अप्रैल-मार्च) में शामिल हर पाँच नई घरेलू विनिर्माण कंपनियों में से दो ने 15% कर की दर को कम करने के विकल्प को चुना है।

निगम कर/कॉर्पोरेट कर:

  • निगम कर एक प्रत्यक्ष कर है जो किसी कंपनी की शुद्ध आय या उसके संचालन से हुए लाभ पर लगाया जाता है।
  • कंपनी अधिनियम 1956 के तहत भारत में पंजीकृत सार्वजनिक और निजी दोनों कंपनियों द्वारा निगम कर देय है।
  • कॉरपोरेट टैक्स कंपनी की शुद्ध आय पर लगाया जाने वाला कर है, जबकि आयकर एक ऐसा कर है जो किसी व्यक्ति की आय पर लगाया जाता है, जैसे कि मज़दूरी और वेतन।

रियायती कर दर व्यवस्था:

  • कर रियायत: सरकार द्वारा उस कर की राशि में की गई कटौती या कर प्रणाली में बदलाव है जिसे लोगों के एक विशेष समूह या विभिन्न संगठन भुगतान करते हैं,  जिससे उन लोगों को लाभ होता है।
  • सितंबर 2019 में शुरू की गई नई व्यवस्था के तहत नई निगमित घरेलू कंपनियों के लिये धारा 115BAB के तहत 15% की कर दर की घोषणा की गई थी, जो 31 मार्च, 2023 तक ऐसे लेखों या निर्मित वस्तुओं के निर्माण, उत्पादन, अनुसंधान या वितरण हेतु नए निवेश करते हैं।
  • इसे इस साल के बजट (2022-23) में एक वर्ष से बढ़ाकर 31 मार्च, 2024 कर दिया गया है।
  • केंद्र द्वारा व्यक्तिगत आय करदाताओं के लिये प्रभावी वर्ष 2020-21 (आयकर अधिनियम) के लिये एक समान रियायती दर व्यवस्था की पेशकाश की गई थी, जिसके तहत वे धारा 80 सी, 80 डी, मकान किराया भत्ता और छुट्टी यात्रा भत्ता द्वारा आय पर कम दर पर कर का भुगतान करने का विकल्प चुन सकते हैं।
    • भले ही सरकार ने अभी तक नई व्यक्तिगत आयकर व्यवस्था को चुनने वाले करदाताओं पर डेटा प्रकाशित नहीं किया है, लेकिन यह संकेत दिया गया है कि नई व्यवस्था बड़ी संख्या में करदाताओं को आकर्षित नहीं कर पाई है जिससे सरकार द्वारा फिर से इस पर विचार करने के लिये प्रेरित किया जा रहा है।

रियायती कर दर व्यवस्था का प्रभाव:

  • कर कटौती के परिणामस्वरूप लाभार्थी फर्मों द्वारा आर्थिक रूप से सार्थक 7% अतिरिक्त निवेश किया गया।
  • भारतीय रिज़र्व बैंक ने पहले यह सूचित किया था कि नई कर व्यवस्था ने इच्छित निवेश चक्र को किक-स्टार्ट करने में मदद नहीं की।
    • कर की दर में कटौती का उपयोग "व्यापार चक्र को फिर से शुरू करने के बजाय ऋण सेवा, नकद शेष राशि और अन्य मौजूदा परिसंपत्तियों के निर्माण में" किया जा सकता है।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस


Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 13 अप्रैल, 2022

डॉ. मनोज सोनी

हाल ही में डॉ. मनोज सोनी को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि डॉ. मनोज सोनी वर्तमान में ‘संघ लोक सेवा आयोग’ के सदस्य हैं। UPSC के प्रमुख  नियुक्त होने से पूर्व मनोज सोनी ने छह वर्ष (2009-2015) तक डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी (BAOU) के कुलपति और तीन वर्ष (2005-2008) तक महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय, बड़ौदा (MSU) में कुलपति के रूप में सेवाएँ दीं। डॉ. मनोज सोनी राजनीति विज्ञान के अध्येता हैं और इन्हें अंतर्राष्ट्रीय संबंधों (IR) में विशेषज्ञता प्राप्त है। डॉ. सोनी ने वर्ष 1991 से वर्ष 2016 की अवधि के दौरान सरदार पटेल विश्वविद्यालय (SPU), वल्लभ विद्यानगर में अंतर्राष्ट्रीय संबंध (IR) के प्रोफेसर के रूप में कार्य किया। गौरतलब है कि ‘संघ लोक सेवा आयोग’ (UPSC) के अध्यक्ष एवं सदस्य छह वर्ष की अवधि या 65 वर्ष की आयु तक पद धारण करते हैं। सर रॉस बार्कर अक्तूबर 1926 में यूपीएससी के पहले अध्यक्ष बने थे और अब तक यूपीएससी में 30 अध्यक्ष रह चुके हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 312 (Article 312) के अनुसार, संसद को संघ और राज्यों के लिये एक या एक से अधिक अखिल भारतीय सेवाएंँ (एक अखिल भारतीय न्यायिक सेवा सहित) बनाने का अधिकार प्राप्त है। इन सभी अखिल भारतीय सेवाओं में भर्ती संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा की जाती है।

माधवपुर मेला

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हाल ही में पाँच दिवसीय ‘माधवपुर मेले’ का उद्घाटन किया है। मेला पोरबंदर से लगभग 60 किलोमीटर दक्षिण में माधवपुर के तटीय गाँव में आयोजित किया जाता है और यह रुक्मिणी के साथ भगवान कृष्ण के विवाह को चिह्नित करता है। माधवपुर मेला राम नवमी पर शुरू होता है, हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार इस दिन भगवान राम का जन्म हुआ। हिंदू कैलेंडर में विवाह के विभिन्न अनुष्ठान त्रयोदशी या चैत्र महीने के 13वें दिन तक चलते हैं। 

हर्षवर्धन श्रृंगला

भारत द्वारा वर्ष 2023 में आयोजित होने वाले G20 शिखर सम्मेलन के लिये विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला को मुख्य समन्वयक नियुक्त किया गया है। वर्ष 2023 में भारत में होने वाला G20 शिखर सम्मेलन देश का अब तक का सबसे बड़ा बहुपक्षीय आयोजन होगा। यह शिखर सम्मेलन वैश्विक मंच पर देश की समृद्ध संस्कृति, बुनियादी ढाँचे, आतिथ्य और विविधता को प्रदर्शित करने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है। हर्षवर्धन श्रृंगला भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी हैं जो भारत के 33वें विदेश सचिव भी रहे हैं। वह वर्ष 1984 में विदेश सेवा में शामिल हुए तथा उन्होंने थाईलैंड, अमेरिका में भारत के राजदूत और बांग्लादेश में उच्चायुक्त के रूप में भी कार्य किया है।

लता दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहला लता दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार (Lata Dinanath Mangeshkar Award) से सम्मानित किया जाएगा यह पुरस्कार 24 अप्रैल को लता मंगेशकर के पिता मास्टर दीनानाथ मंगेशकर की 80वीं पुण्यतिथि के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदान किया जाएगाइस पुरस्कार को मशहूर गायिका लता मंगेशकर की याद में शुरू किया गया है लता दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार प्रत्येक वर्ष उस व्यक्ति को दिया जाएगा जिसने राष्ट्र, उसके लोगों और समाज के मार्गदर्शन हेतु शानदार और अनुकरणीय योगदान दिया हो, मास्टर दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य संगीत, नाटक, कला, चिकित्सा तथा सामाजिक कार्य हेतु सम्मानित करना है