प्रिलिम्स फैक्ट्स (12 Mar, 2020)



प्रीलिम्स फैक्ट्स: 12 मार्च, 2020

सह्याद्रि मेघा

Sahyadri Megha

धान की खेती के घटते रकबे की दर को रोकने के लिये कृषि एवं बागवानी विज्ञान विश्वविद्यालय (University of Agricultural and Horticultural Sciences- UAHS) ने धान की नई किस्म सह्याद्रि मेघा (Sahyadri Megha) विकसित की।

मुख्य बिंदु:

  • सह्याद्रि मेघा धान की एक नई लाल किस्म है जो ब्लास्ट रोग (Blast Disease) के लिये प्रतिरोधी और पोषक तत्त्वों से भरपूर है। 

ब्लास्ट रोग (Blast Disease):

  • ब्लास्ट एक फफूंद जनित रोग है जो मैग्नाफोर्ट ओरिज़ा (Magnaporthe Oryzae) के कारण होता है। इस बीमारी को राॅटेन नेक (Rotten Neck) या राइस फीवर (Rice Fever) के रूप में भी जाना जाता है।
  • यह रोग 80 चावल उत्पादक देशों में फैला है। भारत में इस रोग का प्रसार वर्ष 1918 में  दर्ज किया गया था।
  • यह रोग धान की वृद्धि के दौरान सभी चरणों में पौधों के सभी वायवीय भागों को संक्रमित करता है। इस रोग से धान की पैदावार में लगभग 70 से 80% की कमी आती है।
  • इसे रोग प्रतिरोधी और प्रोटीन युक्त धान की एक देशी किस्म 'अक्कालु' (Akkalu) के साथ 'ज्योथि' (Jyothi) किस्म की क्रॉस-ब्रीडिंग कराके संकरण प्रजनन विधि (Hybridization Breeding Method) के तहत विकसित किया गया था।
  • नई किस्म शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ताओं द्वारा फाइबर और प्रोटीन से भरपूर लाल चावल की मांग को भी पूरा करेगी।

मिशन ज़ीरो एक्सीडेंट

Mission Zero Accident

केंद्रीय रेल बजट 2016-17 में मिशन ज़ीरो एक्सीडेंट (Mission Zero Accident) की घोषणा की गई थी।

मुख्य बिंदु:

  • इस मिशन के अंतर्गत दो उप-मिशन शामिल हैं-
    1. अगले 3-4 वर्षों में ब्रॉड गेज़ पर मानव रहित लेवल क्रॉसिंग (Unmanned Level Crossings) का उन्मूलन।
    2. ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली (Train Collision Avoidance System- TCAS): यह एक रेडियो संचार आधारित प्रणाली है जो कि निरंतर ट्रेन की आवाजाही की निगरानी करती है। यह प्रणाली उस स्थिति में जब ट्रेन को किसी खतरे का सिग्नल मिलता है या ट्रेन चालकों द्वारा गति नियंत्रित नही हो पा रही हो तब सिग्नल के रूप में ड्राइवर को सूचित करता है।
  • मिशन ज़ीरो एक्सीडेंट के तहत दो उप-मिशन के कार्यान्वयन की वर्तमान स्थिति निम्नलिखित है-
    • मानव रहित लेवल क्रॉसिंग के उन्मूलन के अंतर्गत  ब्रॉड गेज़ पर सभी मानव रहित लेवल क्रॉसिंग (UMLC) को जनवरी 2019 से पहले ही समाप्त किया जा चुका है।
    • ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली भारतीय निर्माताओं के सहयोग से विकसित एक स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (Automatic Train Protection- ATP) प्रणाली है। यह प्रणाली दक्षिण-मध्य रेलवे के अंतर्गत कर्नाटक के बीदर खंड के लिंगमपल्ली-विकाराबाद-वादी और विकाराबाद  के 250 किमी. लंबे रेलमार्ग पर स्थापित की गई है। इसके अलावा यह प्रणाली दक्षिण मध्य रेलवे के अंतर्गत 1199 किमी. रेलमार्ग पर लागू की जा रही है।
  • भारतीय रेलवे को सुरक्षित बनाने के लिये सुरक्षा कर्मचारियों सहित सभी कर्मचारियों के लिये कॅरियर के विभिन्न चरणों में नियमित रूप से भारतीय रेलवे के सभी प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया गया है।
    • सुरक्षा श्रेणी के कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन के तहत राहत, बचाव व पुनर्वास तथा खतरों का अनुमान लगाना व आपातकालीन प्रतिक्रिया, अग्निशामक यंत्रों का उपयोग, प्राथमिक उपचार पर ध्यान देने के लिये प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

दिव्य कला शक्ति

Divya Kala Shakti

12 मार्च, 2020 को पहली बार दिव्य कला शक्ति (Divya Kala Shakti) क्षेत्रीय कार्यक्रम का आयोजन कलाइवनार आरंगम, चेन्नई में किया गया।

थीम:

  • इस कार्यक्रम की थीम ‘दिव्यांगों की क्षमताओं का साक्षी होना’ (Witnessing the Abilities in Disabilities) है।

सहयोगी पार्टनर:

  • इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के सहयोग से नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एम्पावरमेंट ऑफ पर्सन्स फॉर मल्टीपल डिसएबिलिटीज़ (दिव्यांगजन) (NIEPMD), चेन्नई द्वारा किया गया।

मुख्य बिंदु:

  • इस कार्यक्रम में पाँचों दक्षिणी ज़ोन्स (आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना) और लक्षद्वीप एवं पुद्दुचेरी के दिव्यांग बच्चों व युवाओं ने भाग लिया।
  • यह सांस्कृतिक कार्यक्रम कला, संगीत, नृत्य, कलाबाजी आदि क्षेत्रों में दिव्यांग बच्चों व युवाओं की क्षमता प्रदर्शित करने के लिये एक व्यापक मंच प्रदान करता है।

सफेद जिराफ

White Giraffes

केन्या के ग्रासिया काउंटी (Garissa County) में शिकारियों ने दुर्लभ नस्ल के दो सफेद जिराफों (White Giraffes) को मार दिया।

White-Giraffes

मुख्य बिंदु:

  • इशाकबीनी हिरोला सामुदायिक संरक्षण वेबसाइट (Ishaqbini Hirola Community Conservancy website) के अनुसार, सफेद जिराफ को पहली बार वर्ष 2016 में देखा गया था।
  • वर्ष 2017 में विश्व में कुल तीन सफेद जिराफ थे जिनमें अब मात्र एक जिराफ बचा हुआ है।
    • रंग के आधार पर इनकी विभिन्नता का कारण ल्युसिज़्म नामक आनुवंशिक बीमारी है जिसमें त्वचा की कोशिकाएँ पिग्मेंटेशन को रोकती हैं जिसके कारण इन जिराफों का रंग सफेद हो गया था। 
  • इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंज़र्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) के अनुसार जिराफों की आबादी में पिछले तीन दशकों में 40% की कमी दर्ज की गई है।
  • मांस, हड्डियों और पूँछ के व्यापार के कारण अफ्रीकी महाद्वीप में जिराफों के अवैध शिकार में तेज़ी आई है।    

हुबली-अंकोला रेल-लाइन परियोजना

Hubballi - Ankola Rail Line Project

प्रस्तावित परियोजना के तहत 164.44 किलोमीटर लंबी हुबली-अंकोला रेल-लाइन काली टाइगर रिज़र्व (Kali Tiger Reserve) और बेद्थी कंज़र्वेशन रिज़र्व (Bedthi Conservation Reserve) से होकर गुज़रेगी जिससे लगभग 2.2 लाख पेड़ों की कटाई करनी पड़ेगी।

Hubbali

मुख्य बिंदु:

  • 80% से अधिक रेलवे लाइन पश्चिमी घाट से होकर गुज़रेगी जिससे 727 हेक्टेयर क्षेत्र के वनों का नुकसान होगा।  
  • हुबली-अंकोला रेल लाइन परियोजना के कारण जैव विविधता को होने वाले नुकसान को देखते हुए कर्नाटक राज्य वन्यजीव बोर्ड (Karnataka State Wildlife Board) के अधिकांश सदस्यों ने इसका कड़ा विरोध किया है।

काली टाइगर रिज़र्व (Kali Tiger Reserve):

  • काली टाइगर रिज़र्व कर्नाटक राज्य के उत्तर कन्नड़ ज़िले में स्थित है।
  • इस टाइगर रिज़र्व में दो महत्त्वपूर्ण संरक्षित क्षेत्र- डंडेली वन्यजीव अभयारण्य (Dandeli Wildlife Sanctuary) और अंशी राष्ट्रीय उद्यान (Anshi National Park) हैं।
  • ये दोनों संरक्षित क्षेत्र एक-दूसरे से सन्नहित हैं और जैविक रूप से संवेदनशील पश्चिमी घाटों में स्थित संरक्षित क्षेत्र की एकल प्रणाली बनाते हैं।
  • इस टाइगर रिज़र्व के वन नम पर्णपाती एवं अर्द्ध-सदाबहार हैं जिनमें पश्चिमी क्षेत्रों के साथ-साथ गहरी घाटियों में सदाबहार वनों के उत्कृष्ट भाग भी शामिल हैं।

राज्य वन्यजीव बोर्ड (State Wildlife Board- SBWL):

  • राज्य वन्यजीव बोर्ड (SBWL) का गठन वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत किया गया है।
  • मुख्यमंत्री राज्य वन्यजीव बोर्ड का अध्यक्ष  और राज्य का वन मंत्री इसका उपाध्यक्ष होता है।
  • वन्यजीवों के लिये राज्य बोर्ड, राज्य सरकारों को संरक्षित क्षेत्रों के चयन और प्रबंधन तथा वन्यजीवों की सुरक्षा से जुड़े अन्य मामलों में सलाह देता है।