प्रिलिम्स फैक्ट्स (03 Jul, 2021)



प्रिलिम्स फैक्ट्स: 03 जुलाई, 2021

वेम्बनाड झील: केरल

Vembanad Lake: Kerala

सुदृढ़ टीकाकरण अभियान के बीच वेम्बनाड झील में केरल हाउसबोट (Kerala houseboats) के शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है।

  • यह केरल की सबसे बड़ी और भारत की सबसे लंबी झील है।

Kerala

प्रमुख बिंदु: 

  • वेम्बनाड झील को वेम्बनाड कयाल, वेम्बनाड कोल, पुन्नमदा झील (कुट्टनाड में) और कोच्चि झील (कोच्चि में) के नाम से भी जाना जाता है।
  • यह केरल के कई ज़िलों में फैली हुई है जो 2033.02 किलोमीटर से अधिक के क्षेत्र को कवर करती है।
  • इस झील का स्रोत चार नदियों  मीनाचिल (Meenachil), अचनकोविल (Achankovil), पम्पा (Pampa) और मणिमाला (Manimala) से संबंधित है।
  • यह एक संकीर्ण द्वीप द्वारा अरब सागर (Arabian Sea) से अलग होती है तथा केरल में एक लोकप्रिय लेगून दरार (Backwater Stretch) का निर्माण करती है।
  • वल्लम काली (यानी नेहरू ट्रॉफी बोट रेस) एक स्नेक बोट रेस है जिसका आयोजन  हर वर्ष अगस्त माह में वेम्बनाड झील में किया जाता है।
  • वर्ष 2002 में इसे अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की आर्द्रभूमि की सूची में शामिल किया गया था जैसा कि रामसर अभिसमय (Ramsar Convention) द्वारा परिभाषित किया गया था।
    • यह पश्चिम बंगाल में सुंदरबन (Sundarbans) के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा रामसर स्थल है।
  • भारत सरकार ने राष्ट्रीय आर्द्रभूमि संरक्षण कार्यक्रम (National Wetlands Conservation Programme) के तहत वेम्बनाड आर्द्रभूमि की पहचान की है।
  • कुमारकोम पक्षी अभयारण्य (Kumarakom Bird Sanctuary) इस झील के पूर्वी तट पर स्थित है। 
  • वर्ष 2019 में विलिंगडन द्वीप (Willingdon Island) जो कि कोच्चि शहर में स्थित है, के कुछ हिस्से को अलग कर वेम्बनाड झील का निर्माण किया गया था।
  • इस झील की सबसे उत्कृष्ट विशेषताओं में से एक 1252 मीटर लंबी निर्मित खारे पानी की  बाधा, थन्नीरमुकोम (Thanneermukkom) है, जिसे कुट्टनाड में खारे पानी को रोकने के उद्देश्य से बनाया गया था।

Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 03 जुलाई, 2021

सर लुडविग गुट्टमन

हाल ही में गूगल ने एक एनिमेटेड डूडल के माध्यम से जर्मन डॉक्टर और पैरालंपिक खेल के जनक माने जाने वाले ‘सर लुडविग गुट्टमन’ को उनके 122वें जन्मदिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की। सर लुडविग गुट्टमन का जन्म 3 जुलाई, 1899 को तत्कालीन जर्मनी के ‘टोस्ट’ (वर्तमान में पोलैंड के ‘टोस्ज़ेक’) नामक स्थान पर हुआ था। अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद सर गुट्टमन को वर्ष 1924 में एम.डी. की डिग्री प्राप्त हुई। उन्होंने एक सुप्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट के रूप में काफी ख्याति प्राप्त की और रीढ़ की हड्डी की चोटों और न्यूरोसर्जिकल कार्य प्रक्रियाओं पर उनके द्वारा किये गए शोध कार्य ने उन्हें जर्मनी के सबसे प्रमुख न्यूरोलॉजिस्ट के रूप में प्रसिद्ध किया। चूँकि वे एक यहूदी थे, अतः नाज़ीवाद के उदय के दौरान वर्ष 1933 में उन्हें देश में चिकित्सीय कार्य करने से रोक दिया गया, इसके पश्चात् वे अपनी जान बचाकर वर्ष 1939 में जर्मनी से इंग्लैंड चले गए। वहाँ उन्होंने विशेषतौर पर पैरापलेजिया नामक स्थिति के बारे में और अधिक शोध कार्य किये। वर्ष 1948 में उन्होंने पहली बार व्हीलचेयर उपयोगकर्त्ताओं के लिये एक तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया, जिसे अब 'पैरालंपिक खेलों' के रूप में जाना जाता है। उस समय इसे 'स्टोक मैंडविल गेम्स' के नाम से जाना जाता था, जिसका नाम उस अस्पताल के नाम पर रखा गया था, जहाँ सर गुट्टमन काम कर रहे थे। इस तरह रीढ़ की हड्डी की चोटों और न्यूरोलॉजी के अन्य पहलुओं में उनके शोध को दुनिया भर के चिकित्सकों द्वारा सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है, वहीं उन्हें दिव्यांग समुदाय को एक मंच प्रदान करने की दिशा में उनके बहुमूल्य योगदान के लिये भी याद किया जाता है।

आवश्यक रक्षा सेवा अध्यादेश 2021

हाल ही में केंद्र सरकार ने आवश्यक रक्षा सेवाओं में संलग्न व्यक्ति द्वारा किसी भी आंदोलन और हड़ताल किये जाने पर पूर्णतः रोक लगाने के लिये एक अध्यादेश जारी किया है। ‘आवश्यक रक्षा सेवा अध्यादेश 2021’ पर गजट अधिसूचना के मुताबिक, ‘कोई भी व्यक्ति, जो अध्यादेश के तहत अवैध हड़ताल का आयोजन करता है अथवा इसमें हिस्सा लेता है, उसे एक वर्ष तक की अवधि के लिये कारावास या 10,000 रुपए तक जुर्माने अथवा दोनों सज़ा से दंडित किया जा सकता है। अधिनियम में कहा गया है कि रक्षा उपकरणों के उत्पादन, सेवाओं और सेना से जुड़े किसी भी औद्योगिक प्रतिष्ठान के संचालन या रखरखाव के साथ-साथ रक्षा उत्पादों की मरम्मत और रखरखाव में कार्यरत कर्मचारी अध्यादेश के दायरे में आएंगे। ज्ञात हो कि यह अध्यादेश ऐसे समय में आया है जब आयुध निर्माणी बोर्ड (OFB) के प्रमुख महासंघों द्वारा OFB को निगमित करने के सरकार के फैसले के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की गई है। अध्यादेश के तहत दूसरे लोगों को आंदोलन या हड़ताल में हिस्सा लेने के लिये प्रेरित करना भी एक दंडनीय अपराध होगा। विदित हो कि बीते दिनों केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लगभग 200 वर्ष पुराने आयुध निर्माणी बोर्ड (OFB) के निगमीकरण की योजना को मंज़ूरी दी थी।

दिल्ली में क्लाउड-आधारित स्वास्थ्य सेवा परियोजना

हाल ही में दिल्ली के मुख्यमंत्री ने महत्त्वाकांक्षी क्लाउड-आधारित स्वास्थ्य देखभाल सूचना प्रबंधन प्रणाली (HIMS) की प्रगति की समीक्षा करते हुए वर्ष 2022 तक इस परियोजना के शुरू होने की घोषणा की है। दिल्ली सरकार की इस महत्त्वाकांक्षी स्वास्थ्य परियोजना के तहत दिल्ली के सभी निवासियों के नाम पर स्वास्थ्य कार्ड जारी किये जाएंगे, जिसके लिये सरकार द्वारा विशेष सर्वेक्षण किया जाएगा। यह दिल्ली के प्रत्येक निवासी के लिये सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के लाभों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। इसके पश्चात् इस कार्ड को क्लाउड-आधारित ‘स्वास्थ्य देखभाल सूचना प्रबंधन प्रणाली’ के साथ एकीकृत किया जाएगा। इस प्रणाली का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रक्रिया को लक्षित करना है। दिल्ली में सभी रोगी देखभाल सेवाओं, अस्पताल प्रशासन, बजट एवं नियोजन, आपूर्ति शृंखला प्रबंधन और बैकएंड सेवाओं तथा प्रक्रियाओं को इस प्रणाली के तहत लाया जाएगा। इस प्रणाली की सबसे महत्त्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह पूर्णतः क्लाउड आधारित और डिजिटल होगी, जो कि नागरिकों को एक ही मंच पर समस्त जानकारी प्राप्त करने में सक्षम बनाएगा, जिससे उन्हें आपातकालीन स्थिति में मदद मिल सकेगी। इस प्रकार की सूचना प्राप्त करने के लिये निवासियों के पंजीकृत कार्ड नंबर का प्रयोग किया जाएगा। 

प्रौद्योगिकी सहयोग हेतु AJNIFM और ‘माइक्रोसॉफ्ट’ के बीच समझौता 

‘अरुण जेटली नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंशियल मैनेजमेंट’ (AJNIFM) तथा दिग्गज सॉफ्टवेर कंपनी ‘माइक्रोसॉफ्ट’ ने हाल ही में एक मसौदा पत्र पर हस्ताक्षकर किये हैं। इस साझेदारी के तहत AJNIFM में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उभरती प्रौद्योगिकियों के उत्कृष्टता केंद्र का निर्माण किया जाएगा। इस साझेदारी का प्राथमिक लक्ष्य भारत में सार्वजनिक वित्त प्रबंधन के भविष्य को बदलने तथा उसे नया रूप देने हेतु क्लाउड, AI एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग की संभावनाओं का पता लगाना है। इस साझेदारी के तहत माइक्रोसॉफ्ट प्रौद्योगिकी, उपकरण व संसाधन प्रदान करेगा तथा सरकारी अधिकारियों को कुशल बनाएगा और उनमें नेतृत्त्व क्षमता का विकास करेगा। ‘अरुण जेटली नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंशियल मैनेजमेंट’ (AJNIFM) सार्वजनिक नीति, वित्तीय प्रबंधन तथा अन्य प्रशासनिक मुद्दों के क्षेत्र में पेशेवरों के कौशल निर्माण में विशेषज्ञता का केंद्र है, जो मुख्य तौर पर पेशेवर क्षमता एवं अभ्यास के उच्चतम मानकों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करता है। इसकी स्थापना वर्ष 1993 में वित्त मंत्रालय के तहत एक पंजीकृत सोसायटी के रूप में की गई थी।