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कुवैत एक्सपेट कोटा बिल | 17 Jul 2020 | अंतर्राष्ट्रीय संबंध

प्रीलिम्स के लिये:

कुवैत एक्सपेट कोटा बिल

मेन्स के लिये:

भारत का खाड़ी देशों के साथ संबंध

संदर्भः

तेल की कीमतों में भारी गिरावट और कोरोना महामारी संकट की वजह से खाड़ी देश कुवैत में विदेशी श्रमिकों की संख्या को कम करने की मांग लगातार की जा रही थी। इसे देखते हुए हाल ही में नेशनल असेंबली की कानूनी और विधायी समिति ने इस एक्सपेट कोटा बिल को संवैधानिक मानते हुए इसे सहमति प्रदान की है। इसके कारण अब खाड़ी देश कुवैत में करीब 8 लाख भारतीयों को देश छोड़ना पड़ सकता है।

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प्रमुख बिंदुः

कुवैत की जनसांख्यिकीः

अन्य खाड़ी देशों पर नज़रः

कुवैत के निर्माण में भारतीयों का योगदानः

निष्कर्ष

भारत को खाड़ी देशों के साथ सहयोग के नए क्षेत्रों यथा- स्वास्थ्य सेवा, दवा-अनुसंधान और उत्पादन, पेट्रोकेमिकल, कम विकसित देशों में कृषि, शिक्षा और कौशल में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता है। खाड़ी देश वर्तमान में अर्थव्यवस्था में बदलाव की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। ये वर्तमान में पेट्रोलियम उत्पादन के अलावा अन्य क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था को दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं, ऐसे में भारत यहाँ विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को बढ़ाकर प्रमुख भूमिका निभा सकता है। हालाँकि भारत को इसे एक ‘अस्थायी घटनाक्रम’ के रूप में देखने की जरूरत है क्योंकि जैसे ही उत्पादन में तीव्र गति आएगी उन्हें हमारे लोगों की विशेषज्ञता की पुनः आवश्यकता पड़ेगी।

स्रोत: द हिंदू