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आर.पी.एस.सी. - विज्ञप्ति का संक्षिप्त विवरण

राजस्थान लोक सेवा आयोग (आर.पी.एस.सी.), अजमेर  द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं  के लिये सर्वप्रथम इनसे सम्बंधित विज्ञप्ति जारी की जाती है, उसके पश्चात् ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू होती है। इस विज्ञप्ति में फार्म भरने की प्रक्रिया से लेकर अंतिम चयन तक के समस्त पहलुओं का विस्तृत विवरण दिया रहता है, इसलिये अभ्यर्थियों को इसका अध्ययन अवश्य कर लेना चाहिये, जिससे कि वे इन परीक्षाओं की प्रकृति से भली-भाँति परिचित हो जाएँ और अपने आपको मानसिक रूप से शुरुआत से ही इसके अनुरूप तैयार कर लें। इस विज्ञप्ति से सम्बंधित कुछ महत्त्वपूर्ण एवं अनिवार्य पहलुओं का विवरण नीचे दिया गया है- 

पदों का विवरण:

    • आयोग द्वारा राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएँ (संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा द्वारा सीधी भर्ती) नियम, 1999 के अंतर्गत राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएँ संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा, 2016 के लिये कार्मिक विभाग द्वारा सूचित पदों हेतु ऑनलाइन आवेदन पत्र (Online Application Form) आमंत्रित किये जाते हैं।
    • शासन से प्राप्त सेवावार कुल रिक्त पदों (पदों की संख्या में कमी/वृद्धि की जा सकती है) का विवरण निम्नानुसार है-
  राज्य सेवाएँ
 क्र. सं.  सेवा का नाम
 1. राजस्थान प्रशासनिक सेवा
 2. राजस्थान पुलिस सेवा
 3. राजस्थान लेखा सेवा
 4. राजस्थान सहकारी सेवा
 5. राजस्थान नियोजन कार्यालय  सेवा
 6. राजस्थान कारागार सेवा
 7. राजस्थान उद्योग सेवा
 8. राजस्थान राज्य बीमा सेवा
 9. राजस्थान वाणिज्यिक कर सेवा
10. राजस्थान खाद्य एवं नागरिक रसद सेवा                                                              
11. राजस्थान पर्यटन सेवा
12. राजस्थान परिवहन सेवा
13. राजस्थान महिला एवं बाल विकास सेवा
14. राजस्थान देवस्थान सेवा
15. राजस्थान ग्रामीण विकास राज्य सेवा
16. राजस्थान महिला विकास सेवा
17.  राजस्थान श्रम कल्याण सेवा

 

 अधीनस्थ सेवाएँ
 क्र. सं.   सेवा का नाम
 18. राजस्थान अधीनस्थ देवस्थान सेवा
 19. राजस्थान अधीनस्थ सहकारी सेवा
 20. राजस्थान तहसीलदार सेवा
 21. राजस्थान आबकारी अधीनस्थ सेवा
 22. राजस्थान अधीनस्थ सेवा (नियोजन)
 23. राजस्थान उद्योग अधीनस्थ सेवा
 24. राजस्थान वाणिज्यिक कर अधीनस्थ सेवा
 25. राजस्थान खाद्य एवं नागरिक रसद अधीनस्थ सेवा
 26. राजस्थान महिला एवं बाल विकास अधीनस्थ सेवा
 27. राजस्थान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधीनस्थ सेवा (ज़िला परिवीक्षा सह समाज कल्याण अधिकारी)
 28. राजस्थान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधीनस्थ सेवा (परिवीक्षा एवं कारागृह कल्याण अधिकारी)
 29. राजस्थान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधीनस्थ सेवा (सामाजिक सुरक्षा अधिकारी)
 30. राजस्थान श्रम कल्याण अधीनस्थ सेवा

शैक्षिक योग्यता :

आवेदक को भारत में केंद्रीय या राज्य विधानमंडल द्वारा शामिल विश्वविद्यालयों में से किसी एक से डिग्री धारक होना चाहिये या संसद में एक अधिनियम द्वारा स्थापित या घोषित अन्य शिक्षण संस्थान जिसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 के सेक्शन-3 के अंतर्गत या आयोग के परामर्श से एक विश्वविद्यालय के रूप में सरकार द्वारा मान्यता दी गई हो।

आरक्षण:

    • आवेदन पत्र आमंत्रित करते समय अभ्यर्थियों से जाति एवं वर्ग भरवाए जाते हैं, जिनका परीक्षा के परिणाम में आरक्षण या वरीयता निर्धारण के रूप में प्रभाव पड़ता है। अनेक अभ्यर्थी इस संबंध में अपने वर्ग (श्रेणी) को अंकित करने में त्रुटि कर जाते हैं, जिससे अभ्यर्थी एवं आयोग दोनों स्तरों पर परिणाम में विसंगति उत्पन्न होती है। इस संबंध में कतिपय सामान्य त्रुटियों के निराकरण हेतु निम्न निर्देशों का ध्यानपूर्वक अध्ययन कर लें-
    • लम्बवत् आरक्षण (Vertical Reservation)  संबंधी प्रावधान (जैसे- जाति संबंधी आरक्षण)-  जाति संबंधी आरक्षण का अंकन करने से पूर्व यह ध्यान रखें कि किसी की भी जाति सदैव पिता की जाति के आधार पर तय होती है। विशेषतः अभ्यर्थी के महिला होने की स्थिति में यदि वह विवाहित है, तो उसका जातिगत आरक्षण उसके पति की जाति के आधार पर न होकर पिता की जाति के आधार पर तय होता है। यदि वह मूलतः किसी अन्य राज्य की है और वह विवाहोपरांत राजस्थान राज्य की मूल निवासी बन जाती है तो उसे आरक्षण का लाभ तभी मिलेगा, जब उसकी जाति उसके पूर्ववर्ती राज्य में भी समान आरक्षित श्रेणी में आती हो। इनमें यदि कोई अभ्यर्थी अपने पूर्ववर्ती राज्य तथा राजस्थान राज्य दोनों में ही आरक्षित श्रेणी में है, किंतु दोनों में आरक्षण श्रेणी भिन्न है, तो राज्य सरकार से प्राप्त दिशा-निर्देशानुसार श्रेणी निर्धारण किया जाता है। ऐसे अभ्यर्थी जो राजस्थान के मूल निवासी नहीं हैं, उन्हें सामान्य वर्ग में परिगणित किया जाता है।
    • क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation)  संबंधी प्रावधान (जैसे- विधवा, विवाह विच्छिन्न महिला, निःशक्त, भूतपूर्व सैनिक इत्यादि संबंधी)-  किसी परीक्षा में जहाँ क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation)  का प्रावधान है, वहाँ श्रेणी में परिगणित होने की अंतिम तिथि आवेदन की अंतिम तिथि होती है। उदाहरणार्थ किसी महिला अभ्यर्थी के विधवा या विवाह विच्छिन्न महिला श्रेणी में परिगणित होने की अंतिम तिथि आवेदन की अंतिम तिथि ही होती है। इसके उपरांत हुए परिवर्तन को श्रेणी परिवर्तन के लिये अमान्य किया जाता है। यही नियम निःशक्तजन व भूतपूर्व सैनिक आदि पर भी लागू होता है। विवाह विच्छिन्न महिला के अंतर्गत लाभ तभी देय होगा, यदि उसे सक्षम न्यायालय अथवा विधि द्वारा इस हेतु आदेशित किया जा चुका हो।
    • भूतपूर्व सैनिक संबंधी प्रावधान- इस संबंध में दो अतिरिक्त प्रावधानों का ध्यान रखें-
      1. अभ्यर्थी का स्वयं भूतपूर्व सैनिक होना आवश्यक है, न कि उसका आश्रित या संबंधी होना।
      2. आवेदन की अंतिम तिथि को उसका वस्तुतः सेवानिवृत्त होना आवश्यक है। अतः यह सुनिश्चित कर लें कि अभ्यर्थी को केवल विभाग से आवेदन हेतु अनुमति ही नहीं मिली है, बल्कि उसे सेवानिवृत्त भी किया जा चुका है।
  • राजकीय सेवारत कर्मचारी संबंधी प्रावधान- विभिन्न परीक्षाओं में राजस्थान राज्य के सेवारत कर्मचारियों आदि के लिये विशेष प्रावधान है, जिनमें कुछ में केवल आयु संबंधी शिथिलता दी जाती है और कुछ में क्षैतिज आरक्षण। सामान्यतया कर्मचारी के रूप में सेवा नियमों के अंतर्गत आयु सीमा में विशेष छूट का प्रावधान है व उसके अलग-अलग उपवर्गों, जैसे- अराजपत्रित कर्मचारी, मंत्रालयिक कर्मचारी अथवा विभागीय कर्मचारी होने पर आरक्षण का प्रावधान हो सकता है। इस प्रकार एक कार्मिक उक्त में से दोनों अथवा किसी एक लाभ का पात्र हो सकता है। यह लाभ भी सेवा नियम के अधीन होता है। अभ्यर्थी इस संबंध में विस्तृत विज्ञापन के अनुरूप कार्यवाही करें। इस संबंध में विशेषतः दो बिंदु ध्यान में रखें- 
    1. उक्त लाभ केवल राजस्थान राज्य के कर्मचारियों को प्राप्त है, अन्य को नहीं। अर्थात् अन्य राज्य के कर्मचारी या केंद्र सेवा के कर्मचारी सामान्य ही माने जाएंगे और वे इस कॉलम को न भरें। इसके साथ ही यह भी ध्यान रखें कि यह लाभ केवल स्थायी कर्मचारियों के लिये है। अस्थायी/तदर्थ या संविदा पर नियुक्त कार्मिक इस लाभ के पात्र नहीं होंगे।
    2. वस्तुतः अधिकांश परीक्षाओं में राज्य कर्मचारी के रूप में केवल आयु सीमा में छूट का प्रावधान है और विभागीय कर्मचारी, मंत्रालयिक कर्मचारी तथा अराजपत्रित कर्मचारी होने पर ही उसे अतिरिक्त रूप से आरक्षण का लाभ प्राप्त होता है। प्रत्येक विभागीय कर्मचारी, मंत्रालयिक कर्मचारी तथा अराजपत्रित कर्मचारी राज्य कर्मचारी तो होता है, किंतु प्रत्येक राज्य कर्मचारी विभागीय कर्मचारी, मंत्रालयिक कर्मचारी तथा अराजपत्रित कर्मचारी नहीं होता है। जो अभ्यर्थी राजकीय कर्मचारी के साथ-साथ विभागीय कर्मचारी, मंत्रालयिक कर्मचारी तथा अराजपत्रित कर्मचारी हैं केवल वे ही इस कॉलम को भरें अन्यथा नहीं। विभागीय कर्मचारी के अंतर्गत भी केवल उसी विभाग के अभ्यर्थी पात्र माने जाते हैं, जिनके लिये परीक्षा आयोजित की जा रही है और उनके लिये सेवा नियमों में आरक्षण का प्रावधान है।
  • निःशक्त संबंधी प्रावधान-  निःशक्तजन के प्रत्येक उपवर्ग में भी निःशक्तता की अलग-अलग श्रेणियाँ हो सकती हैं, जो आरक्षण की बजाय वस्तुतः उस पद के दायित्वों का निवर्हन करने में उसकी योग्यता अथवा अयोग्यता के आधार पर निर्धारित की जाती हैं। यदि किसी उपवर्ग में ऐसी श्रेणी पृथक् से निर्दिष्ट हो, तो उस उपवर्ग में भी केवल उस विशेष श्रेणी निःशक्तता वाले अभ्यर्थी ही चयन किये जाएंगे, अन्य नहीं।

आयु सीमा:

आयु सीमा
  • आयोग द्वारा जारी ‘विज्ञप्ति’ में वर्णित तिथि को न्यूनतम 21 एवं अधिकतम 35 से कम।
  • अराजपत्रित कर्मचारी उपरोक्त तिथि को 25 वर्ष की आयु प्राप्त कर चुका हो, परंतु 45 वर्ष का नहीं हुआ हो।
 आयु सीमा में छूट के प्रावधान
 क्र. सं. अभ्यर्थियों का वर्ग अधिकतम आयु में देय छूट (वर्षों में)
1. राजस्थान के अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग/विशेष के पुरुष 5
2. राजस्थान की अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग/विशेष पिछड़ा वर्ग की महिला 10
3. सामान्य वर्ग की महिला 5
4. विधवा एवं विच्छिन्न विवाह (परित्यक्ता) महिला अधिकतम आयु सीमा नहीं
5. निःशक्तजन सामान्य 10
    पिछड़ा/विशेष पिछड़ा वर्ग 13
    अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति 15

अन्य विशिष्ट श्रेणियों हेतु आयु सीमा में छूट के प्रावधान 

    • उस भूतपूर्व कैदी के मामले में जो अपनी दोषसिद्धि के पूर्व अधिकायु नहीं था और नियमों के अधीन नियुक्ति के लिये पात्र था, उपरिवर्णित अधिकतम आयु सीमा में उसके द्वारा भुक्त कारावास की कालावधि के बराबर की अवधि की छूट दी जाएगी।
    • उपर्युक्त उच्चतम आयु सीमा उस भूतपूर्व कैदी के मामले में लागू नहीं होगी जो दोषसिद्धि से पूर्व सरकार के अधीन किसी पद पर अधिष्ठायी (Substantive) तौर पर सेवा कर चुका था और इन नियमों के अधीन नियुक्ति का पात्र था।   
    • राजस्थान राज्य के क्रियाकलापों के संबंध में अधिष्ठायी (Substantive) तौर पर कार्य कर रहे व्यक्तियों के मामले में अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष है।   
    • पंचायत समितियों तथा ज़िला परिषदों के कारोबार में अधिष्ठायी (Substantive) रूप से कार्यरत व्यक्तियों के लिये अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष होगी।   
    • राजस्थान राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों/निगमों में अधिष्ठायी (Substantive) रूप से कार्य कर रहे व्यक्तियों की ऊपरी आयु सीमा 40 वर्ष होगी।   
    • एन.सी.सी. के कैडेट प्रशिक्षकों के मामले में उपरिवर्णित अधिकतम आयु सीमा में उनके द्वारा एन.सी.सी. में की गई सेवा की कालावधि के बराबर छूट दी जाएगी और यदि पारिमाणिक आयु विहित अधिकतम आयु सीमा से तीन वर्ष से अधिक न हो तो उन्हें विहित आयु सीमा में ही समझा जाएगा।   
    • निर्मुक्त हुए आपातकालीन कमीशन प्राप्त अधिकारियों और लघु सेवा कमीशन प्राप्त अधिकारियों को सेना से निर्मुक्त होने के पश्चात् आयु सीमा में ही समझा जाएगा, चाहे उन्होंने आयोग के समक्ष उपस्थित होने के समय आयु सीमा पार कर ली हो बशर्ते कि वे सेना में कमीशन ग्रहण करने के समय आयु सीमा की दृष्टि से पात्र थे।   
    • रिज़र्विस्टों अर्थात् रिज़र्व में स्थानांतरित रक्षा कार्मिकों और भूतपूर्व कार्मिकों के लिये अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष होगी परंतु राजस्थान सिविल सेवा (भूतपूर्व सैनिकों का आमेलन)नियम, 1988 के नियमानुसार सैन्य क्रॉस/वीर चक्र या कोई अन्य उच्च विशेष  योग्यता धारकों की दशा में उच्च आयु सीमा दो वर्ष तक शिथिल करने योग्य होगी।  
नोट :
(1) उपरोक्त वर्णित आयु सीमा में छूट के प्रावधान असंचयी (Non Cumulative) हैं, अर्थात् अभ्यर्थियों को उपरोक्त वर्णित किसी भी एक प्रावधान का अधिकतम आयु सीमा में छूट का लाभ दिया जाएगा। एक से अधिक प्रावधानों को जोड़कर छूट का लाभ नहीं दिया जाएगा।
(2) शासन से प्राप्त सेवावार, वर्गवार वर्गीकरण में किसी वर्ग के लिये पद आरक्षित नहीं होने पर भी ऊपरी आयु सीमा में अभ्यर्थी को उसके वर्ग हेतु देय अधिकतम आयु सीमा में छूट का लाभ देय होगा। (3) उक्त पद आयोग द्वारा वर्ष 2013 में विज्ञापित किया गया था। तत्पश्चात् इस पद का कोई विज्ञापन आयोग द्वारा वर्ष 2014 एवं 2015 में जारी नहीं किया गया था। अतः राज्य सरकार की अधिसूचना दिनांक 23-09-2008 के अनुसार जो अभ्यर्थी दिनांक 01.01.2017 को अधिकायु के हो चुके हैं, उन्हें उपरोक्त अधिकतम आयु सीमा में दो वर्ष की छूट देय होगी। 
 
प्रारंभिक परीक्षा का पाठ्यक्रम
मुख्य परीक्षा का पाठ्यक्रम
 

 

 
 

 


Helpline Number : 87501 87501
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