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 UPSC Study Material (English) for Civil Services Exam-2018  View Details

वर्ष 2020 तक आधी हो जाएगी पेट्रोलियम सब्सिडी 
Aug 11, 2017

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र - 3 : प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन।
(खंड-01: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।)

  

चर्चा में क्यों ?
संसद में छमाही आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें कई अन्य महत्त्वपूर्ण बातों के अलावा सरकार ने यह भी कहा है कि वह अगले तीन वर्षों में पेट्रोलियम सब्सिडी को आधे से भी अधिक कम कर देगी। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष के लिये यह जहाँ 25,000 करोड़ है, वहीं वर्ष 2019-20 तक यह सिर्फ 10,000 करोड़ ही रह जायगी।

क्यों आएगी पेट्रोलियम बिल में कमी ?

  • विदित हो कि दुनिया के बाज़ारों में सस्ते क्रूड ऑयल के चलते भारत सरकार को पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के आयात पर बड़ी बचत हो रही है। सरकार को अनुमान है कि वित्त वर्ष 2020 तक सरकार को 10 हज़ार करोड़ रुपए की बचत होगी।
  • जहाँ वित्त वर्ष 2019 के लिये पेट्रोलियम सब्सिडी पर 18,000 करोड़ रुपए के खर्च का अनुमान है, वहीं वित्त वर्ष 2020 के लिये पेट्रोलियम सब्सिडी पर 10000 करोड़ रुपए के खर्च का अनुमान है।

छमाही आर्थिक समीक्षा की कुछ महत्त्वपूर्ण बातें

  • वित्त वर्ष 2018-19 के लिये 23.4 लाख करोड़ रुपए के खर्च का अनुमान किया गया है, जबकि वित्त वर्ष 2019-2020 के लिये 22.06 लाख करोड़ रुपए के खर्च का अनुमान है।
  • समीक्षा में 2000 करोड़ रुपए की लागत से 10 नमामि गंगे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है, साथ ही वित्त वर्ष 2019 के लिये 1.99 लाख करोड़ रुपए के खर्च का अनुमान है।
  • वित्त वर्ष 2019 के लिये फूड सब्सिडी पर 1.75 लाख करोड़ रुपए के खर्च का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2020 के लिये फूड सब्सिडी पर 2 लाख करोड़ रुपए की संभावना जताई गई है।
  • जहाँ वित्त वर्ष 2019 में सरकार को टैक्स से प्राप्त होने वाली आय में 15 फीसदी वृद्धि का अनुमान है, वहीं वित्त वर्ष 2020 में टैक्स से प्राप्त आय 14.5 फीसदी बढऩे का अनुमान है।
  • वित्त मंत्रालय को उम्मीद है कि सरकार का पूंजीगत व्यय वर्ष 2019 -20 तक 25% से बढ़कर 3.9 लाख करोड़ रुपए हो जाएगा, जो कि रक्षा, रेलवे, सड़क परिवहन और शहरी विकास पर अधिक से अधिक खर्च करने के उद्देश्य से प्रेरित है।

एलपीजी सब्सिडी को तर्कसंगत बनाने का प्रयास

  • विदित हो कि पेट्रोल और डीजल कीमतों को नियंत्रणमुक्त कर दिया गया है और पेट्रोलियम पर सब्सिडी सिर्फ एलपीजी और केरोसिन पर दी जा रही है।
  • समीक्षा में कहा गया है कि सब्सिडी को तर्कसंगत बनाने के सरकार के प्रयासों के तहत सरकार ने एलपीजी सिलेंडरों का दाम हर महीने चार रुपए बढ़ाने का फैसला किया है।
  • सरकार का लक्ष्य एलपीजी सिलेंडरों पर सब्सिडी को मार्च, 2018 तक समाप्त करना है। सरकार एलपीजी ग्राहकों के लिये सब्सिडी का भुगतान सीधे उनके खातों में करने का कार्य सफलतापूर्वक क्रियान्वित कर चुकी है। अब सरकार का लक्ष्य केरोसिन पर सब्सिडी में कमी करना है।

क्या है आर्थिक समीक्षा ?

  • आर्थिक समीक्षा में देश के भीतर विकास का रुझान कैसा रहा,  देश के किस क्षेत्र में कितना निवेश हुआ, कृषि समेत अन्य उद्योगों का कितना विकास हुआ, योजनाओं को किस तरह अमल में लाया गया, इनके बारे में विस्तार से बताया जाता है।
  • यह संसद के दोनों सदनों में पेश किया जाता है। इससे पिछले साल की आर्थिक प्रगति का लेखा-जोखा मिलता है तथा साथ ही नए वित्त वर्ष में आर्थिक विकास की राह कैसी होगी, इसका अनुमान भी लग जाता है।
  • निष्कर्षतः हम कह सकते हैं कि आर्थिक समीक्षा भविष्य में बनाई जाने वाली नीतियों के लिये एक दृष्टिकोण का काम करती है। हालाँकि, यह जानना आवश्यक है कि आर्थिक समीक्षा केवल सिफारिशें हैं और इन्हें लेकर कोई कानूनी बाध्यता नहीं होती है। सरकार इन्हें केवल निर्देशात्मक रूप में ही लेती है।

स्रोत: द हिन्दू

source title: By ’20, petroleum subsidy bill to halve
sourcelink:http://www.thehindu.com/business/Industry/by-20-petroleum-subsidy-bill-to-halve/article19467039.ece


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