Study Material | Test Series
Drishti


 दृष्टि का नया टेस्ट सीरीज़ सेंटर  View Details

सेमिनार: अंग्रेज़ी सीखने का अवसर (23 सितंबर: दोपहर 3 बजे)

मार्च में निर्यात में गिरावट होने से श्रम-गहन क्षेत्र प्रभावित 
Apr 16, 2018

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र - 3 : प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन।
(खंड-1 : भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय)
(खंड - 2 : समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न विषय)
(खंड - 8 : उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव)

labor-intensive

चर्चा में क्यों?

मार्च, 2018 में निर्यात में गिरावट होने के कारण श्रम-गहन क्षेत्रों को झटका लगा है।

प्रमुख बिंदु 

  • आयात में वृद्धि के कारण व्यापार घाटा बढ़ गया है इसको देखते हुए निर्यातक भविष्य के बारे में चिंतित हैं।
  • रत्न और आभूषण, पेट्रोलियम उत्पाद, रेडीमेड वस्त्र और कृषि उत्पादों के निर्यात में गिरावट ने मार्च, 2018 में भारत के कुल निर्यात (साल-दर-साल) को 0.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 29.11 अरब डॉलर कर दिया।
  • निर्यातकों को चिंता है कि इससे प्रभावित होने वाले कई क्षेत्र श्रम प्रधान हैं जिनको तरलता से संबंधित समस्याओं का सामना करना पढ़ सकता है।
  • वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी किये गए आँकड़ों के अनुसार, अप्रैल-मार्च 2017-18 की अवधि में निर्यात 9.78 प्रतिशत से बढ़कर 302.4 अरब डॉलर पर पहुँच गया, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे ज़्यादा है।
  • मार्च, 2018 में व्यापार घाटा बढ़कर 13.69 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष इसी महीने में 10.65 अरब डॉलर था, क्योंकि मार्च के महीने में आयात 7.15 प्रतिशत से बढ़कर 42.80 अरब डॉलर रहा।
  • अप्रैल-मार्च 2017-18 में व्यापार घाटा लगभग 50 प्रतिशत से बढ़कर 156.83 अरब डॉलर रहा, इसके साथ ही वित्तीय वर्ष के दौरान आयात 19.59 प्रतिशत से बढ़कर 459.67 अरब डॉलर हो गया। 
विदेशी व्यापर (अप्रैल-मार्च 2017-18)
  मूल्य बिलियन डॉलर (Provisionals) वृद्धि दर(%)
निर्यात 302.84 9.78
आयात 459.67 9.59
व्यापार संतुलन -156.83 44.54
  •  मार्च, 2018 में आयात में वृद्धि काफी हद तक पेट्रोलियम, रसायन, मशीनरी, परिवहन उपकरण, लोहा एवं इस्पात और कोयला में वृद्धि के कारण हुई थी। 
  • दूसरी तरफ सोने का आयात 40 प्रतिशत घटकर 2.49 अरब डॉलर रह गया।

उद्योगों की चिंताएँ

  • यह उन श्रम-गहन क्षेत्रों एवं निर्यातोन्मुख सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों जिनमें सामान्यतया रत्न एवं आभूषण, रेडीमेड वस्त्र, जूट उत्पादन, कृषि उत्पादों से संबंधित क्षेत्र शामिल हैं, के लिये एक चिंता का विषय है। ये अभी भी तरलता की समस्या का सामना कर रहे हैं क्योंकि बैंक और उधार देने वाली एजेंसियाँ ​​अपने मानदंडों को कठोर कर रही हैं, जो नए वित्तीय वर्ष के लिये निर्यात हेतु अच्छा नहीं है।
  • मार्च, 2018 में वस्तुओं के निर्यात में गिरावट एक अच्छे अवसर को खो देना है, क्योंकि अमेरिका सहित प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में भी इस समय बढ़ोतरी दिख रही है।
  • इंजीनियरिंग सेक्टर जो कि निर्यात होने वाली वस्तुओं में प्रमुख है, मार्च में केवल 2.62 फीसदी की बढ़ोतरी कर सका।
  • मार्च, 2018 में गैर-पेट्रोलियम और गैर-जवाहरात और आभूषण निर्यात 22.42 अरब डॉलर मूल्य के थे, जो कि मार्च, 2017 के मुकाबले 4.6 प्रतिशत अधिक था। 

इससे संबंधित अधिक जानकारी के लिये आप इन्हें भी पढ़ सकते हैं।
आयात-निर्यात के नवीनतम आँकड़े: एक तथ्यात्मक विश्लेषण
भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 13 अरब डॉलर तक पहुँचा


स्त्रोत : बिज़नेस लाइन
 


Helpline Number : 87501 87501
To Subscribe Newsletter and Get Updates.