UPPSC Prelims Mock Test Series 2017
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  उत्तर-प्रदेश लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा हेतु - 2 मॉक टेस्ट (सामान्य अध्ययन – प्रथम प्रश्नपत्र),आपके ही शहर में आयोजित

भारत-म्याँमार सीमा खुली ठीक या बंद बेहतर? 
Jun 16, 2017

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-3: प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन
(खंड- 17: आंतरिक सुरक्षा के लिये चुनौती उत्पन्न करने वाले शासन विरोधी तत्त्वों की भूमिका)

  

संदर्भ
हाल ही में देश के पूर्वोत्तर में सबसे बड़ी समस्या रहे उग्रवादी नेता एस.एस. (खोले खेतोवी) खापलांग की म्याँमार में मृत्यु हो गई; और अभी कुछ दिन पहले केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह म्याँमार से सीमा रखने वाले पूर्वोत्तर के चार राज्यों की बैठक में शामिल होने आइज़ल गए थे| म्याँमार के साथ भारत की 1643 किमी. लंबी खुली सीमा लगती है और यह पूर्वोत्तर के दो राज्यों—अरुणाचल प्रदेश और मिज़ोरम के बीच असहमति का कारण बन गई है|

क्या है विवाद?
अरुणाचल प्रदेश: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ऐसा मानते हैं कि म्याँमार के साथ खुली सीमा उनके राज्य के लिये एक बड़ी समस्या है क्योंकि दूसरी तरफ से आतंकवादियों का निर्बाध आवागमन होता रहता है| 

  • तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग जैसे राज्य के सीमावर्ती ज़िलों में नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड के विभिन्न गुटों का प्रभाव है| 
  • उपरोक्त तीनों ज़िलों में 1991 से अफस्पा लागू है और हाल ही में इसे तीन महीने के लिये बढ़ाया गया है| मुख्यमंत्री पेमा खांडू इसे आगे भी जारी रखने के पक्ष में हैं| 
  • वह चाहते हैं कि राज्य से लगती 520 किमी. लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा की बाड़बंदी की जाए| यदि ऐसा करना संभव न हो तो कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में ऐसा अवश्य किया जाए|
  • चूँकि राज्य में कोई घरेलू-उग्रवाद जैसी कोई चीज़ नहीं है, इसलिये वह बहार से आने वाले उग्रवाद से परेशान है, जो असम और नागालैंड के भूमिगत गुटों की गतिविधियों और म्याँमार के साथ लगी सीमा के पार से आता है| 
  • ये उग्रवादी गुट व्यवसायियों, सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं से धन की उगाही करते हैं तथा हत्या, फिरौती के लिये अपहरण, लूट, जबरन भर्ती जैसे अपराधों में शामिल रहते हैं। 
  • इसका सर्वाधिक शिकार स्थानीय लोग होते हैं, इसलिये वे भयभीत होकर या थोड़े से पैसों के लालच में उन्हें हर प्रकार की सहायता पहुँचाते हैं|

मिज़ोरम: मिज़ोरम के मुख्यमंत्री लालथनहावला के विचार इसके बिलकुल विपरीत हैं| 

  • वह भारत-म्याँमार सीमा को खुले रखने के पक्ष में ही नहीं, बल्कि यह भी चाहते हैं कि केंद्र सीमा के दोनों तरफ वीज़ा मुक्त आवागमन की सीमा को 16 किमी. से बढ़ाकर 60 किमी. कर दे| 
  • वह इसके पीछे दोनों के बीच निकट नस्लीय संबंधों का हवाला देते हुए इस 16 किमी. के दायरे में एक-दूसरे के क्षेत्र में ठहरने की अवधि को तीन दिन से बढ़ाकर 60 दिन करने के भी पक्षधर हैं| 
  • मिज़ोरम सरकार अपने राज्य से लगती 510 किमी. लंबी इस अंतर्राष्ट्रीय सीमा (Chin Hills) पर बाड़बंदी के पक्ष में नहीं है|
  • मिज़ोरम सरकार कई प्राकृतिक कारणों के मद्देनज़र अपने राज्य की बांग्लादेश से लगती सीमा पर भी बाड़बंदी के पक्ष में नहीं है|
  • मिज़ोरम मुक्त आवागमन व्यवस्था के कार्यान्वयन के लिये दिशानिर्देश तैयार कर रहा है और प्रवेश शुल्क वसूलने के लिये उसने सीमा पर चार क्रॉसिंग पॉइंट बनाए हैं|

क्या कहा गृहमंत्री ने?

  • सीमा प्रबंधन सचिव की अध्यक्षता में सीमा क्षेत्रों में अवसंरचना में खामियों का पता लगाने के लिये समिति का गठन किया जाएगा|
  • दूरस्थ सीमा क्षेत्रों में सक्रिय पुलिस गश्त के लिये राज्यों को निर्देश; पुलिस थानों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता|
  • राज्यों द्वारा अपनाई गई मुक्त आवागमन व्यवस्था के नियमों की पड़ताल के लिये विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) की अध्यक्षता में एक समिति का गठन|

स्रोत: द इंडियन एक्सप्रेस 

Source title: Two Northeast CMs, two views on Myanmar border & Mizoram wants open border
SourceLink:http://indianexpress.com/article/india/two-northeast-cms-two-views-on-myanmar-border-4702784/
http://indianexpress.com/article/india/mizoram-wants-open-border-visa-free-entry-up-to-60-km-4702791/


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