UPPSC Prelims Mock Test Series 2017
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  उत्तर-प्रदेश लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा हेतु - 2 मॉक टेस्ट (सामान्य अध्ययन – प्रथम प्रश्नपत्र),आपके ही शहर में आयोजित

‘डिजिटल अर्थव्यवस्था’ के लिये नीति निर्माण 
Jun 17, 2017

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र–3: प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव-विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन।
(खंड-1: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय)

  

संदर्भ 
इलेक्ट्रॉनिक्स और आई.टी. मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को कहा कि हम भारत को एक ट्रिलियन डॉलर डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने के लिये इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और डाटा  संरक्षण नीति में बदलाओं सहित कई अन्य नीतियाँ शुरू करने जा रहे है। उल्लेखनीय है कि विमुद्रीकरण के बाद से ही सरकार द्वारा डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में देश में डिजिटल इंडिया, ई-गवर्नेंस जैसे मिशनों को तेज़ी से लागू किया जा रहा है।

महत्त्त्वपूर्ण बिंदु

  • भारत में एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था से दो से तीन ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है। इसी लक्ष्य को 2025 तक हासिल करने के लिये इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय एक रोडमैप तैयार कर रहा है।

  • यह निर्णय लिया गया कि केंद्र सरकार देश में इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्माण को बढ़ावा देने के लिये आने वाले समय में एक नई नीति पेश करेगी। 

  • ज़ल्द ही एक ‘नई इलेक्ट्रॉनिक्स नीति’ भी बनाई जाएगी।

  • साइबर सुरक्षा पर चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि कम लागत वाले साइबर सुरक्षा उत्पादों की काफी संभावनाएँ हैं और हम डाटा सुरक्षा और डाटा संरक्षण के लिये एक ढाँचा तैयार करने जा रहे हैं। 

  • एक नई सॉफ्टवेयर उत्पाद नीति भी बनाई जाएगी।

  • मंत्री ने कहा कि स्टार्ट-अप के लिये विशेष नवाचार क्षेत्र (Special Innovative Zone) स्थापित करने पर विचार किया जा रहा है और स्टार्ट-अप क्लस्टर नीति के लिये एक ढाँचा तैयार किया जा रहा है।

  • शिक्षा, कृषि और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में ज़्यादा स्टार्ट-अप स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

  • एक विवाद समाधान तंत्र और उदार नियामकीय मानदंडों की स्थापना की आवश्यकता ज़रूरी बताया।

  • यह उम्मीद की जा रही है कि वर्तमान में आई.टी. / आई.टी.ई.एस. सेक्टर (350 अरब डॉलर) और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र (300 अरब डॉलर) से अधिकतम योगदान के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था 2025 तक 1 ट्रिलियन डालर की डिजिटल अर्थव्यवस्था बन जाएगी। 

 डिजिटल इंडिया 
  • डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को देश को एक सशक्त डिजिटल समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में बदलने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। डिजिटल भारत यह सुनिश्चित करेगा कि सभी सरकारी सेवाएँ नागरिकों के लिये इलेक्ट्रॉनिक रूप में उपलब्ध हों। इससे सार्वजनिक जवाबदेही को भी बढ़ावा मिलेगा।
  • डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के नौ स्तम्भ -  

Broadband.j


स्रोत: डी हिन्दू 

SourceLink:http://www.thehindu.com/business/digital-economy-policy-push-on-anvil/article19089612.ece.


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